न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

युवाशक्ति

Spread the love
image_pdfimage_print

 युवाशक्ति

ना सूरज की तपन से जल पाए, ना मारुत कहीं उड़ा ले जाए,

ना सरिता कभी बहा सके, ना सागर इसको डूबा पाए,

ना रोक सकेगा तूफां कोई, ना बादल गर्जन से डरा पाए,

जो हुँकार भरे युवा शक्ति मिलकर, ये भूमंडल डगमगा जाए

ये ब्रह्मांड डगमगा जाए।

 

हे ऐसी अगन, हे ऐसी तपन, पत्थर को पिघला जलजला ला दे,

बंजर सी भूमि में उपजा सोना, मरुधर में गंगा बहा दे।

इस यौवन की ललकार को सुन, शैतान भी काँप उठे थर- थर,

जो मन में ठान ले गर युवा, तो ख़ुशियों से भर जाये हर घर।

 

कर “निमय” युवा शक्ति को नमन, इस धारा में हो जा लीन,

इन पर गर्व करे जग सारा, कोई ना समझे खुद को हीन।

इस यौवन की ज्वाला को, व्यर्थ में ना ठण्डा होने देना।

मुखमंडल के ओज- तेज को, जीवन में ना मंदा होने देना।

 

नेमीचंद मावरी “निमय”

बूंदी, राजस्थान

 

Last Updated on November 2, 2020 by poetnimay.info

    Facebook
    Twitter
    LinkedIn

    More to explorer

    प्रतीकात्मक छवि

    साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिद्वन्द्विता की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार बनाने का उपक्रम है यह सम्मेलन-डॉ विकास दवे

    Spread the love

    Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱 साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिद्वन्द्विता की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार बनाने का उपक्रम

    प्रतीकात्मक छवि

    मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा

    Spread the love

    Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा साहित्यिक पत्रिकाओं

    प्रतीकात्मक छवि

    जरूरी और उपयोगी है संपादकीय कर्म की चुनौतियों पर प्रशिक्षण और संपादकों के बीच आपसी विमर्श – डॉ. शैलेश शुक्ला

    Spread the love

    Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱 जरूरी और उपयोगी है संपादकीय कर्म की चुनौतियों पर प्रशिक्षण और संपादकों के

    Leave a Comment

    error: Content is protected !!