न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

महिला दिवस काव्य प्रतियोगिता हेतु कविता शीर्षक- प्यार की राह में चलते चलते

Spread the love
image_pdfimage_print

संयोग श्रृंगार रस से पूर्ण कविता

शीर्षक- प्यार की राह में चलते चलते

सुनो प्रिय प्यार की राह में चलते चलते,
सहेंगे सुख-दुख हम दोनों हँसते हँसते।

तुम ही हो मेरी मोहब्बत तुम ही मेरे मीत,
साथ हो तुम तो मिलेगी सदा हमें जीत।

प्रिय तेरे संग रहने को मेरा मन चाहता है,
लिपटी रहूँ सदा तुझसे मेरा तन चाहता है।

क्या करूँ मुझे तुम सा कोई नहीं दिखता है,
मन मेरा हर घड़ी बस तेरा नाम लिखता है।

संग हो तुम तो सुलभ हो जाए जीवन-पथ,
छटता तिमिर और मन को मिले रश्मि-रथ।

प्रिय,नहीं रह सकती मैं कभी तुम्हारे बिन,
साथ हो तुम तो मन-दीपक जले हर दिन।

आओ प्रिय,प्यार की राह में चलते चलते,
वक्त बिताएंगे सदा हम दोनों खेलते खेलते।।

रचनाकार-मनोरमा शर्मा
स्वरचित एवं मौलिक।

हैदराबाद 

तेलंगाना 

Last Updated on January 5, 2021 by manoramasharma521

  • मनोरमा शर्मा
  • शिक्षिका
  • हैदराबाद
  • [email protected]
  • मनोरमा शर्मा ,हैदराबाद, तेलंगाना
Facebook
Twitter
LinkedIn

More to explorer

प्रतीकात्मक छवि

साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिद्वन्द्विता की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार बनाने का उपक्रम है यह सम्मेलन-डॉ विकास दवे

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱 साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिद्वन्द्विता की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार बनाने का उपक्रम

प्रतीकात्मक छवि

मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा साहित्यिक पत्रिकाओं

प्रतीकात्मक छवि

जरूरी और उपयोगी है संपादकीय कर्म की चुनौतियों पर प्रशिक्षण और संपादकों के बीच आपसी विमर्श – डॉ. शैलेश शुक्ला

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱 जरूरी और उपयोगी है संपादकीय कर्म की चुनौतियों पर प्रशिक्षण और संपादकों के

Leave a Comment

error: Content is protected !!