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डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

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डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

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देशभक्ति काव्य लेखन प्रतियोगिता हेतु रचना, शीर्षक- तुम फिर याद आओगे

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शीर्षक – तुम फिर याद आओगे

जब जब वर्षा होगी,
जब जब कोयल बोलेंगी,
तुम मेरे दिल को बहकाओगे,
तुम फिर याद आओगे।

रेत के नक्श है मेरी कहानी,
जुदाई ने भर दी आँखों में पानी,
दर्द बन तुम मुझे तड़पाओगे,
तुम फिर याद आओगे।

चंदा बन तुम देख रहे हो,
तारों के संग खेल रहे हो,
आँखमिचौली कर मुझे सताओगे,
तुम फिर याद आओगे।

कैसा घाव दिया है तुमने,
दर्द बढ़ा दिया मरहम ने,
हिय से तुम न भूले जाओगे,
तुम फिर याद आओगे।

लहूलुहान सा दिखता है जिस्म,
दर्द का है यह कौन सा किस्म,
स्वप्न बन नैनों में छा जाओगे,
तुम फिर याद आओगे।।

रचनाकार- मनोरमा शर्मा
स्वरचित एवं मौलिक 

हैदराबाद 

तेलंगाना 

Last Updated on January 5, 2021 by manoramasharma521

  • मनोरमा शर्मा
  • शिक्षिका
  • हैदराबाद
  • [email protected]
  • मनोरमा शर्मा ,हैदराबाद, तेलंगाना
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