न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

कोरोना काल अवसर या अभिशाप

Spread the love
image_pdfimage_print

कोरोना काल अवसर या अभिशाप

 

माना कि करोना काल ने कहर है बरसाया।

न जाने कितने लोगों को घर पर बैठाया,

कई लोगों को अपनों से बिछड़ाया, उन्हें रुलाया,

फिर भी यह काल अभिशाप नहीं, यह विचार आया

कि यह काल तो खुदा की नियामक बनकर आया।

 

कोरोना काल ने हमें फिर से जीना सीखाया,

हमें पशुता छोड़ मानव का पाठ पढ़ाया,

प्रकृति को और प्रदुषित होने से बचाया,

व्यस्त माता-पिता को अपने बच्चों से रु-ब-रु करवाया

परदेशी बच्चों ने भी अपने माता-पिता का हृदय जुड़ाया।

 

भारतीय संस्कृति को उजागर करवाया,

भागते हुए मानव के जीवन में ठहराव लाया,

साथ-साथ खाना, मिलकर काम करना सिखाया,

तू-तू-मैं-मैं से ‘हम’ बनना सिखाया,

और मैं क्या कहूँ-क्या-क्या बदलाव आया?

 

इस अवसर को हाथ से नहीं है जाने देना,

दक्ष व्यपारी की तरह भरपूर लाभ है उठाना,

आर्थिक मार तो फिर भी कर लेंगे बर्दाश्त,

लेकिन मानसिक विकार का नही है कोई उपाय,

इसलिए तो कहती हूँ, तोल-मोल कर जनाब

कोरोना काल अभिशाप नहीं, यह है वरदान॥

 

थोड़ी-सी सावधानी और सजगता की है जरुरत,

धैर्य व साहस की परीक्षा का है यह वक्त,

सहानुभूति व मानवता जगाने की है जरुरत,

एक दिन ऎसा भी आएगा जब हम सब

कहेंगे कोरोना काल था अवसर, नहीं था अभिशाप॥

Last Updated on January 4, 2021 by anitap

  • Anita
  • Pandey
  • The Samhita Academy
  • [email protected]
  • C-1/404, L & T Southcity, Arekere Micolayout, Bangalore-560076
Facebook
Twitter
LinkedIn

More to explorer

प्रतीकात्मक छवि

साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिद्वन्द्विता की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार बनाने का उपक्रम है यह सम्मेलन-डॉ विकास दवे

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱 साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिद्वन्द्विता की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार बनाने का उपक्रम

प्रतीकात्मक छवि

मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा साहित्यिक पत्रिकाओं

प्रतीकात्मक छवि

जरूरी और उपयोगी है संपादकीय कर्म की चुनौतियों पर प्रशिक्षण और संपादकों के बीच आपसी विमर्श – डॉ. शैलेश शुक्ला

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱 जरूरी और उपयोगी है संपादकीय कर्म की चुनौतियों पर प्रशिक्षण और संपादकों के

Leave a Comment

error: Content is protected !!