न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

चलती नहीं हैं

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*******************************
हो जहाँ मरुथल वहाँ कश्तियाँ चलती नहीं हैं ।
हों अपाहिज अश्व तो बग्गियाँ बढ़ती नहीं हैं ।।
देख ले करके जतन स्वार्थ की इस जिन्दगी में ,
हो भरी यदि रेत कर में मुठ्ठियाँ बँधती नहीं हैं ।।
**********************************
बिन पवन पानी सुनों पत्तियाँ खिलती नहीं हैं ।
द्वार पर आये बिना कुण्डियाँ बजती नहीं हैं ।।
तुम हथेली पर अरे सरसों उगाना चाहते हो ,
हो उजाला सूर्य का तो बत्तियाँ जलती नहीं हैं ।।
**********************************
हाथ को सीधे किये बिन उँगलियाँ तनती नहीं हैं ।
बिना सूत कपास कभी तकलियाँ चलती नहीं हैं ।।
इन शिराओं का सुनों रक्त दूषित मत करो तुम ,
रक्त यदि मौजूद न हो धमनियाँ चलती नहीं हैं ।।
**********************************
डाँ आदेश कुमार गुप्ता पंकज

Last Updated on January 7, 2021 by gupta.adeshk

  • डाँ आदेश कुमार गुप्ता
  • पंकज
  • अध्यापक
  • [email protected]
  • रेणुसागर सोनभद्र उ.प्र.
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