हंसी मुस्कान आया है
खामोश मौसम में हंसीमुस्कान आया है ।फ़िज़ाओं की खुशबू काखास अंदाज आया हैं।।बहारें भी है खुश क़िस्मत लम्होकी ख्वाहिश में बहारो की किस्मतका कोई किरदार आया है।।खामोश मौसम में […]
हंसी मुस्कान आया है Read More »
खामोश मौसम में हंसीमुस्कान आया है ।फ़िज़ाओं की खुशबू काखास अंदाज आया हैं।।बहारें भी है खुश क़िस्मत लम्होकी ख्वाहिश में बहारो की किस्मतका कोई किरदार आया है।।खामोश मौसम में […]
हंसी मुस्कान आया है Read More »
खामोश मौसम में हंसीमुस्कान आया है ।फ़िज़ाओं की खुशबू काखास अंदाज आया हैं।।बहारें भी है खुश क़िस्मत लम्होकी ख्वाहिश में बहारो की किस्मतका कोई किरदार आया है।।खामोश मौसम में
हंसी मुस्कान आया है Read More »
अपनी हस्ती की मस्ती का मतवालाधुन ध्येय का धैर्य धीर गाताचला गया जेठ की भरी दोपहरी मेंएक दिया जलाता चला गया।।जेठ की भरी दोपहरी में एकदिया जलाने की कोशिश
जेठ की भरी दोपहरी भाग -3 Read More »
जेठ की भरी दोपहरी मेंएक दिया जलाने की कोशिश में लम्हा लम्हा जिये जा रहा हूँ।।भूल जाऊँगा पीठ पर लगे धोखेफरेब मक्कारी के खंजरों के जख्म दर्द का एहसास।।तेज
जेठ की भरी दोपहरी -2 Read More »
*है जन्म लिया मानव तन में तो नारी का सम्मान करो* मानवता हमें सिखाती है ये सृष्टि जननी कहलाती हैमाँ का फर्ज निभाती है जब जन्म हमें दे जाती हैचाहे
है जन्म लिया मानव तन में तो नारी का सम्मान करो.. Read More »
मुल्क़ के हालात आजकल मेरे मुल्क़ के हालात बहुत ख़राब हो गए हैं ;आवाम पर सफ़ेदपोश लुटेरों के ज़ुल्म बेहिसाब हो गए हैं । कोई खोलकर पढ़ना ही नहीं चाहता
हिन्दी साहित्य में नारी जागृति रचनाकार का नाम: डॉ अभय नाथ सिंह पदनाम: असिस्टेंट प्रोफेसर- हिन्दी संगठन: किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय रकसा रतसर-बलिया ईमेल पता: [email protected] पूरा डाक पता: ग्राम+पोस्ट-संवरा, जिला-बलिया,
हिन्दी साहित्य में नारी जागृति Read More »