International Desh bhakti Kavya pratiyogita
देशभक्ति कविता जय जवान – जय किसान यह देश है वीर जवानों का, यह देश है वीर किसानों का। उनके ही कन्धों पर भार है पूरे हिन्दुस्तान का। […]
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देशभक्ति कविता जय जवान – जय किसान यह देश है वीर जवानों का, यह देश है वीर किसानों का। उनके ही कन्धों पर भार है पूरे हिन्दुस्तान का। […]
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नन्हे मुन्ने बनो महान…तुम सब हो भारत की संतान..कोयल जैसी बोली बोलो..शीतल मंद पवन से डोलो…तरु की घनी छांव सी छाया ..उपकारी हो तेरी काया..फूलों की खुशबू से महको..नन्ही गौरैया
डा० स्नेहिल पांडेय की कविता “बनों महान” Read More »
श्रद्धांजलि आज मेरा दिल उन वीरों को श्रद्धांजलि देने के लिए, अपने आप ही नतमस्तक है, जिन्होंने अपने प्राणों की बाज़ी लगाने में तनिक भी संकोच नहीं किया, पलटकर सूनी
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शहीद की माँ इक बुढ़िया आँसुओं से आँगन लीप रही थी, आसमान रो रहा था धरती काँप रही थी। बेजान लाश बनी वह खुद को ढो रही थी, न जाने
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-सृजन आस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई पत्रिका(देशभक्ति काव्य प्रतियोगिता)-ओज की रसधार-माँ वाणी से राष्ट्रहित उपहार माँगता हूँशब्द-शब्द में ओज की रसधार माँगता हूँ बात जब-जब भारत स्वाभिमान की उठेगीदेश ख़ातिर प्राणों के
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“देशभक्ति-काव्य लेखन प्रतियोगिता” हेतु कविता –देश की मिट्टी देश की मिट्टी अपने देश की मिट्टी की, बात ही कुछ और हैं| खेत खलिहानों में दमकते, सरसों की फूलगियों पर
अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन हेतु,प्रेम काव्य लेखन प्रतियोगिता हेतु मनु–कुल का सृजन- श्रृंगार अधूरा है जीवन जिए बिन श्रृंगार, रसिकता ही जीवन का नित आधार। भावानंद है प्रणय का
अंतर राषट्रीय कवि सम्मेलन हेतु प्रेम काव्य लेखन प्रतियोगिता Read More »
प्यार के शब्द की अनकही सी वही अपने दिल की ग़ज़ल गुनगुना दीजिए दर्द देता है मायूस चेहरा सनम मेरी खातिर जरा मुस्कुरा दीजिए लाखों की भीड़ में गुमशुदा मैं
भारत के वीर सपूतों की गाऊँ मैं गाथा नित्य प्रति, हर- हर महादेव के बोलों को दोहराऊंगी मैं नित्य प्रति| आकाश पे पड़ती रेखाएँ करे उनके शौर्य का गुणगान, जल
“गाथा वीर सपूतों की” Read More »