November 23, 2020
रमेश कुमार सिंह रुद्र की नई कविता ‘मां सरस्वती’
वीणावादिनी ज्ञानदायिनी ज्ञानवान कर दे…. माँ रूपसौभाग्यदायिनी नव रुप भर दे…. हंसवाहिनी श्वेतांबरी जग उज्ज्वल कर दे….. वीणापाणिनि शब्ददायिनी शब्दों से भर दे…. ज्योतिर्मय जीवन तरंगमय जीवन सभी जन प्रकाशयुक्त
रमेश कुमार सिंह रुद्र की नई कविता ‘मां सरस्वती’ Read More »
जिज्ञासा धींगरा की कविता “एक पागल सी लड़की”
छोटा सा सपना, गहरी सी आंखें, मासूम सी बातें, पागल सी लड़की। कहीं उसके सपनों की लड़ी खो गई, वो पागल सी लड़की कहीं गुम हो गई।
जिज्ञासा धींगरा की कविता “एक पागल सी लड़की” Read More »




