समकालीन जीवन-बोध और प्रवासी अनुभव की बहुआयामी अभिव्यक्ति : ‘दृष्टि : कथेतर गद्य’
कथेतर गद्य साहित्य की वह विधा है, जिसमें रचनाकार कल्पना की अपेक्षा जीवन के यथार्थ, अनुभव, विचार और सामाजिक सरोकारों को अधिक महत्त्व देता है। संस्मरण, रेखाचित्र, यात्रा-वृत्तांत, लेख, समीक्षा, […]
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