देशभक्ति काव्य प्रतियोगिता , वीरों को नमन
“वीरों को नमन” नमन करे उन वीरों को तुम जो प्राणों का किये न मोह मातृभूमि के लिये सदा जो अंग्रेजों पर करि के कोह प्रतिधा की पावक में जलकर […]
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“वीरों को नमन” नमन करे उन वीरों को तुम जो प्राणों का किये न मोह मातृभूमि के लिये सदा जो अंग्रेजों पर करि के कोह प्रतिधा की पावक में जलकर […]
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दोहे ,,, 1,,, इच्छाएं घर से चलीं,कर सोलह श्रृंगार।। लौटी हैं बेआबरू, हो घायल हर बार।। 2,,, आंधी से अनुबंध कर, चुप हैं पीपल आम।। पौधों को सहना पड़े,इस छल
जिंदगी एक मधुरस का, भरा प्याला है, पीना जिसको भी यहाँ, वही सयाना है।। लोग चलते हैं कि, प्याले भी झलक, जाते हैं, तुमको चलना है, तो संभल-संभल के चलो,
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“महिला दिवस काव्य प्रतियोगिता हेतु कविता मुझे नहीं बनना है अब देवी कोई मुझे नहीं बनना है अब देवी कोई, मुझे तुम साधारण ही रहने दो, तुम
“महिला दिवस काव्य प्रतियोगिता हेतु कविता Read More »