
गणतंत्र दिवस
*गणतंत्र दिवस मनायें* गणतंत्र दिवस मनायें,ये गणराज्य मुस्कुराये।पावन धरा ये है हमारी,इसको और जगमगायें।नदियां गाती कल-कल,चलो निर्मल इसे

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

*गणतंत्र दिवस मनायें* गणतंत्र दिवस मनायें,ये गणराज्य मुस्कुराये।पावन धरा ये है हमारी,इसको और जगमगायें।नदियां गाती कल-कल,चलो निर्मल इसे

बेटी है दुनियां का नाजबेटी करती हर काज आजबेटी अरमानों का अवनिआकाश।। शिक्षित बेटी नैतिक समाजबेटी संरक्षण संरक्षित

आहत होता युग संसयअन्धकार के अंधेरो मेंदम घुटता।।न्याय धर्म की सत्ता डगमग होताईश्वर का न्याय भरोसा युग जीवन

कौन कहता है माँ भारती केसत्य सनातन का साधु संतधर्म कर्म साधना आराधना शास्त्रआचरण का सिर्फ प्रवचन सुनाते।।जब-