मेरे अपनों को शिकायत रहती है
जब देर रात तक,भीगी पलकों से,जागती रहती हूं,तो मेरे अपनों को शिकायत रहती है। कभी मेरी तन्हाई,मुझसे रूठ कर,कोने में रोती रहती है,तो मेरे अपनों को शिकायत रहती है। जब […]
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जब देर रात तक,भीगी पलकों से,जागती रहती हूं,तो मेरे अपनों को शिकायत रहती है। कभी मेरी तन्हाई,मुझसे रूठ कर,कोने में रोती रहती है,तो मेरे अपनों को शिकायत रहती है। जब […]
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