न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

साझा शोध आलेख प्रकाशन योजना

शोध आलेख प्रतियोगित और साझा शोध आलेख प्रकाशन योजना इस योजना के तहत निर्धारित विषयों पर आधारित श्रेष्ठ 10 शोध आलेख को निशुल्क प्रकाशित किया जाएगा। सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका के सहयोग से न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन प्रकाशन योजना के अंतर्गत ISBN नंबर युक्त साझा शोध आलेख संग्रह प्रकाशित करने हेतु निम्नलिखित विषयों पर शोध आलेख आमंत्रित है। साझा शोध आलेख संग्रह हेतु रचनाएँ निम्नलिखित ईमेल ID पर भेजें: [email protected] विषय : “साझा शोध आलेख प्रकाशन हेतु”शोध आलेख भेजने की अंतिम तिथि: 30 जनवरी 2021 । संग्रह के लिए शोध आलेख चुने जाने के बाद सहयोग शुल्क स्वीकार किया जाएगा । न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन विश्व भर में हिन्दी भाषा और साहित्य के प्रचार- प्रसार के लिए कृत संकल्पित संस्था है। न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन और विश्व हिन्दी सचिवालय, मॉरिशस के सहयोग से सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई – पत्रिका नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियाँ एवं अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलनों का आयोजन कर रही है, जिनमें विश्व के विभिन्न देशों के प्रतिष्ठित साहित्यकार और हिंदी सेवी वक्ता के रूप में जुड़ते है और हजारों दर्शकों/श्रोताओं द्वारा ये कार्यक्रम देखे जाते हैं। साहित्यकारों की मांग पर न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन अब साझा संग्रह प्रकाशन योजना आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा है। न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन की साझा संग्रह प्रकाशन योजना में शोध आलेख प्रकाशित करवाने पर रचनाकारों को निम्नलिखित लाभ एवं सुविधाएं प्राप्त होंगी :- 1. श्रेष्ठ 10 शोध आलेख निशुल्क प्रकाशित किए जायेंगे। इस प्रतियोगिता में श्रेष्ठ 10 शोध आलेख का चुनाव सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय पत्रिका के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अनुभवी संपादक मंडल द्वारा किया जाएगा। इस चुनाव पर किसी अन्य तरीकों से पुन: विचार करना संभव नहीं होगा। 2. प्रत्येक रचनाकारों के केवल एक शोध आलेख को संग्रह में स्थान दिया जाएगा। 3. प्रत्येक सहयोगी रचनाकार को 2 पुस्तकें लेखकीय प्रति के रूप में दी जाएंगी। 4. साझा संग्रह का लोकार्पण न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन के सहयोग से सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में प्रसिद्ध साहित्यकारों के उपस्थिति में करवाया जाएगा। 5. साझा संग्रह में जिन रचनाकारों की रचनाओं को संकलित किया जाएगा उन रचनाकारों को न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में शोध आलेख पर बोलने का मौका दिया जाएगा। 6. यदि कोई सहयोगी रचनाकार किसी कारणवश निर्धारित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में किसी कारण उपस्थित नहीं हो पाता है तो उसे भविष्य में किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में अपनी रचनाओं पर बोलने का मौका दिया जाएगा। 7. प्रकाशक द्वारा साझा संग्रह का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रचार- प्रसार किया जाएगा। न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन द्वारा संचालित वेबसाइट, फेसबुक पेज, टेलीग्राम चैनल और सैकड़ों whatsApp समूहों के माध्यम से अधिक से अधिक साहित्य-प्रेमियों तक पहुंचाया जाएगा। 8. साझा संग्रह की प्रख्यात विद्वानों द्वारा की गई समीक्षा को विभिन्न पत्र- पत्रिकाओं में प्रकाशित करवाया जाएगा। 9. साझा संग्रह की प्रतियाँ राष्ट्रीय पुस्तालयों, ISBN एजेंसी व अन्य आवश्यक स्थानों पर भेजी जाएंगी। 10. श्रेष्ठ 10 शोध आलेख को छोड़कर अन्य रचनाकारों को साझा शोध आलेख संग्रह प्रकाशन योजना में शामिल होने के लिए मात्र रु. 1000/- (रुपए एक हजार केवल) देय होगा। रचनाकारों द्वारा दी गई सहयोग राशि में रचनाओं का संपादन, पेज सेटिंग, कवर पेज डिजाइन, मुद्रण, पुस्तक भेजने का डाक व्यय व अन्य सभी संबंधित आवश्यक व्यय सम्मिलित हैं। उपरोक्त सहयोग राशि में डाक के माध्यम से पुस्तकों को केवल भारत के भीतर ही भेजा जाएगा। भारत से बाहर भेजने के लिए डाक व्यय अलग से देय होगा। 1. शोध आलेख हेतु निम्लिखित मानक तय किया गया है (अ) शोध आलेख 1500- 2000 शब्दों की होनी चाहिए। (आ) शोध आलेख अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड फॉर्मेट में होना चाहिए। आलेख का स्वरूप इस तरह से होना चाहिए- शोध आलेख का शीर्षक- लेखक का नाम, उनकी संबद्धता, मोबाइल और ईमेल पता(इ) शोध आलेख में निम्नलिखित 8 बिन्दु सम्मिलित होनी चाहिए(1) सार(2) बीज शब्द(3) परिचय(4) साहित्य समीक्षा(5) शोध विधि(6) परिणाम और चर्चा(7) निष्कर्ष(8) संदर्भ(9) आभार ( वैकल्पिक) 2.रचनाएँ यूनिकोड फ़ॉन्ट में टाइप करके, वर्ड फ़ाइल में भेजें और इसे अपने नाम से सहेजें3. कृपया मानक वर्तनी का ही उपयोग करें, जैसे किए, लाए, जाए आदि (किये, लाये, जाये नहीं) कृपया केंद्रीय हिंदी निदेशालय के नियम देखें, वर्तनी शोधन कर लें, वर्तनी में एकरूपता रखें, हम नुक़्तों के उपयोग को शामिल करेंगे, लेकिन इन्हें तभी लगाएँ जब आप इनके उपयोग के बारे में निश्चित हों4.विरामादिविन्यास का सही उपयोग करें. विशेष रूप से ध्यान दें कि आप संवादों के लिए, कॉमा (डैश नहीं) और डबल या दोहरे इनवर्टेड कॉमा का उपयोग करें। 5. यदि आपको कोई वाक्यांश या शब्द वगैरह हाइलाइट करना है, तो सिंगल या इकहरे इनवर्टेड कॉमा का उपयोग कर सकते हैं. अधूरी अभिव्यक्ति को दर्शाने के लिए एलिप्सिस या तीन बिंदियाँ केवल तीन ही लगाई जाती हैं, कम या ज़्यादा नहीं6. अस्पष्ट चीज़ों को स्पष्ट करें, बोधगम्यता बनी रहनी चाहिए7. मानव मूल्यों, समुदायों, विशेष रूप से स्त्री के प्रति अवमानना न हो8. जातिसूचक नामों का उपयोग न करें9. रचना में किसी भी व्यक्ति विशेष, समुदाय, वर्ग, धर्म, प्रदेश, देश आदि के प्रति नकारात्मक अभिव्यक्ति या आलोचना न हो 10. बातों को अनावश्यक रूप से दोहराए नहीं11. अनावश्यक अभिव्यक्तियाँ न रखें, जो रचना पर बोझ हों12. रचना का शीर्षक आकर्षक रखें13. व्याकरण और प्रयोगों को ठीक कर लें14. नंबरों को शब्दों में लिखें, ज़रूरत होने पर अंतर्राष्ट्रीय अंकों 1,2,3 आदि का प्रयोग करें15. आपकी रचना की समीक्षा साथी लेखक द्वारा की जाएगी16. संपादकों के पास संपादन का अधिकार होगा और उनका निर्णय बाध्यकारी और अंतिम होगा17. आपको आपकी रचना प्रूफ़ शोधन के लिए दी जा सकती है18. रचना के साथ कृपया निम्नलिखित भेजें-i. इसका प्रमाण-पत्र कि रचना मौलिक है और किसी भी प्रकार के कॉपीराइट विवाद से मुक्त है। *शोध आलेख निम्नलिखित विषयों पर आमंत्रित है*·हिन्दी भाषा – उद्भव एवं विकास·हिन्दी भाषा का आदिकाल·हिन्दी भाषा का मध्यकाल·हिन्दी भाषा का आधुनिक काल· हिन्दी भाषा का समकालीन परिदृश्य· हिन्दी का वैश्विक विस्तार· भारत में हिन्दी शिक्षण· पूर्वोत्तर भारत में हिन्दी शिक्षण· दक्षिण भारत में हिन्दी शिक्षण·भारत के विभिन्न राज्यों में हिन्दी शिक्षण·विदेशों में हिन्दी शिक्षण·भारत में हिन्दी भाषी समुदाय·पूर्वोत्तर भारत में हिन्दी भाषी समुदाय·दक्षिण भारत में हिन्दी भाषी समुदाय·भारत के विभिन्न राज्यों में हिन्दी भाषी समुदाय·भारत के विभिन्न राज्यों में हिन्दी साहित्य सृजन· भारत में हिन्दी साहित्य सृजन· पूर्वोत्तर भारत में हिंदी साहित्य सृजन· दक्षिण भारत में हिन्दी साहित्य सृजन· विदेशों में हिन्दी साहित्य सृजन· विभिन्न देशों में हिन्दी साहित्यकार और उनका साहित्य· हिन्दी प्रिन्ट मीडिया· हिन्दी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया· हिन्दी सोशल मीडिया· हिन्दी न्यूज चैनल· हिन्दी मनोरंजन चैनल· हिन्दी फिल्में·हिन्दी की प्रमुख ई-पत्रिकाएं·हिन्दी के प्रमुख समाचार वेबपोर्टल· हिन्दी के प्रमुख ब्लॉग· हिन्दी के प्रमुख कवि· हिन्दी के प्रमुख कहानीकार·हिन्दी के प्रमुख व्यंग्यकार· हिन्दी के प्रमुख नाटककार·हिन्दी के प्रमुख उपन्यासकार·हिन्दी फिल्मों के प्रमुख लेखक·हिन्दी धारावाहिकों के प्रमुख लेखक·हिन्दी की उल्लेखनीय फिल्में· हिन्दी फिल्मों के माध्यम से हिन्दी का प्रचार-प्रसार·हिन्दी वेबसाइट्स के माध्यम से हिन्दी का प्रचार-प्रसार·हिन्दी धारावाहिकों के माध्यम से हिन्दी का प्रचार-प्रसार·हिन्दी उपन्यासों के माध्यम से हिन्दी का प्रचार-प्रसार·हिन्दी अखबारों के माध्यम से हिन्दी का प्रचार-प्रसार·हिन्दी पत्रिकाओं के माध्यम से हिन्दी का प्रचार-प्रसार· हिन्दी फिल्मी गीतों के माध्यम से हिन्दी का प्रचार-प्रसार·हिन्दी कविताओं के माध्यम से हिन्दी का प्रचार-प्रसार· सोशल मीडिया के माध्यम से हिन्दी का प्रचार-प्रसारकिसी भी अन्य सूचना के लिए कृपया संपर्क करें : श्री मनोरंजन तिवारी, संपादकीय सहयोगी, साझा शोध आलेख संग्रह प्रकाशन योजना, न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन : मोबाईल : +91 – 98990-18149 (कॉलिंग एवं वट्सऐप)

Last Updated on January 5, 2021 by Manoranjan Kumar Tiwari

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