बुद्धि सागर गौतम के दोहे

अभिमान जीवन में अभिमान तुम, कभी न करना भाय। अभिमानी इस जगत में, चैन कभी ना पाय। मानव का अभिमान ही, बहुत बड़ा है दोष। अभिमानी मानव सदा, दे दूजे …

बुद्धि सागर गौतम के दोहे Read More »