न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

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मुस्कुराता सूरज जीवन दर्शन

सूर्य मुस्कुराता छितिज परभाव चेतना मकसद मंजिलका पैगाम लिये।।नया सबेरा उम्मीदों विश्वास की नई किरणउदय उदित उड़ान स्वर्णिम

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गांव

1-गाँव की माटी प्रकृति—सुबह कोयल की मधुर तानमुर्गे की बान सुर्ख सूरज कीलाली हल बैल किसान गाँवकी माटी

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वह बेचती थी गुटका

प्रातः नौ बजे दफ़्तर जाने कोचाहे जो भी हो मौसम का मिजाज।। घर से निकलता दिन शुभ मंगल

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जेठ की भरी दोपहरी -2

  जेठ की भरी दोपहरी मेंएक दिया जलाने की कोशिश में लम्हा लम्हा जिये जा रहा हूँ।।भूल जाऊँगा

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जेठ की भरी दोपहरी

  जेठ की भरी दोपहरी मेंएक दिया दिया जलाने कीकोशिश में लम्हा लम्हा जियेजिये जा रहा हूँ।।शूलों से

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निकलता सूरज छँटता अंधेरा

छँट जाएगा अँधेरा विश्वाश कीजिये सूरज निकलने का इंतज़ार कीजिये।। छोड़िए मायूसी अब कदम बढाईये मुश्किलें बहुत लड़ते

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