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मोबाइल देवता

मोबाइल देवता

 

आज मोबाइल  संचार क्रांति का केंद्र हैं, जो दृश्य, श्रव्य चलचित्र है। जिसने पूरी दुनिया को संचार के माध्यम से मिला दिया। उदाहरणार्थ Covid 19 में पूरी दुनिया ऑनलाइन रहकर सभी से सम्पर्क में रही, य़ह संचार क्रांति मोबाइल के बिना सम्भव नहीं थी। मोबाइल का जितना उपयोग लाभदायक है उतना हानिकारक भी है। आजकल मोबाइल का सदुपयोग कम दुरुपयोग ज्यादा होने लगा है इसी संदर्भ में यह कविता प्रस्तुत है

 

 

मोबाइल देवता

 

मोबाइल जी आप तो हो सबसे बड़े देवता

आपके बिना तो किसी का न दिन न  रात l

बच्चा बुढ़ा नाटा मोटा या कोई पतला

सब तुम में लीन न करते किसी से बात l

आज चहूं सिर्फ आपकी ही चर्चा

आधीन हुआ मानव, तूँ बना सबका खास l

घर गृहस्थी संबंध सब तू ही जग में

अंगूठे के स्पर्श में देखो सिर्फ तेरा एहसास l

छूट गए माता पिता बंधु प्रिय सब

बना चहेता तू सबका स्मार्ट जीवक अंग l

सबके ही हाथों में तू प्रसाद हुआ अद्भुत

कर दिए दीप पूजा ध्यान आती नमाज भंग l

एकांत मुस्काए एकांत रोए एकांत शांत है

साथ बैठे लोग फिर भी बना दिये अनजान l

किसी को किसी से न मतलब रहा अब

रिश्तो में भी बन बैठा तू रिश्तेदार महान l

दूर देशांतर की जिजीविषा में तूँ मुस्कान भरे

सूने घर परिवार में तूँ खुशियां लेकर आता l

दूर बैठों की बस तू ही एक आस बना

सभी काम बने बैठे तूँ जीवन आसान बनाता l

तू जगत का साक्षात देव बनकर

इस भू पर नए चमत्कार लेकर आया l

हर पल सब तेरा ध्यान करे पल पल

तू बन गया सबके जीवन का साया l

तेरे आगे बन बैठे सब नाते रिश्ते बौने

मानव को झूठ सच सब तू ही बुलवाता l

तेरा ही सहारा लेकर दुनिया चले अब

झूठ को सच सच को झूठ तू सब बनाता l

नन्हे नन्हे बाल मोहित तुम पर आंखें खो रहे

सब खेल में डूबे बना इनका भी प्रिय वरदान l

नादान दुनिया नहीं जानती मैं जानना चाहे

तूँ क्षरण करता जीवन तू है इतना महान l

घर में दो राह पाट दिए रिश्ते तूने बांट दिए

तू ही मियां बीवी के झगड़े झपट की मूल l

साथ-साथ सामाजिक जीवन भूले सब

आज एक यंत्र के गुलाम सब कितने नादान l

मोबाइल तूँ वास्तव में है महामंत्र महायंत्र है

तू मायाजाल महाकाल जिसे सब अनजान l

 

मीनाक्षी डबास “मन”

(हिंदी प्रवक्ता) राजकीय सह शिक्षा विद्यालय पश्चिम विहार

शिक्षा निदेशालय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली

माता-पिता– श्रीमती राजबाला श्री कृष्ण कुमार

प्रकाशित रचनाएं – घना कोहरा, बारिश की बूंदे, मेरी सहेलियां, मन का दरिया, खो रही पगडण्डियाँ

शिक्षा एम ए (हिंदी), बी एड, नेट जेआरएफ

उद्देश्य— हिंदी भाषा का प्रशासकीय स्तर पर प्रचार प्रसार l