प्रेम काव्य लेखन प्रतियोगिता शीर्षक : ” प्यार का पौधा “
” प्रेम काव्य लेखन प्रतियोगिता”
शीर्षक : ” प्यार का पौधा ”
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प्यार को यूँहीं नफरत में ,बदला न करो ।
तड़पते दिलों जैसी बातें ,किया न करो।।
बीत जाएँगे लम्हेँ,आहें यूँहीं भरा न करो ।
तुम मुझको याद इस तरह किया न करो ।।
गम के सागर में डूब कर ,
धूप की गर्मियों में यूँहीं ,
पसीना बहाया न करो ।
नफरत की निगाहों में यूँहीं ,
बारिश के पानी से नहाया न करो।।
तुम मुझको याद इस तरह किया न करो ।
प्यार भरी आस्था एक उपासना है,
वासना की पूर्ति इसे समझा न करो।।
शरद की ठण्ड में जब,
ठिठुरन सी लगने लगे,
यूँहीं प्यारा सा एक गीत गुन गुनाया करो।
तुम मुझको याद इस तरह किया न करो।।
सच्चे प्यार की होती है,
कुछ ऐसी ताकत उसे,
यूँहीं हर्जाया न करो।
दिल की हवेली को छेड़कर ,
उसे यूँहीं ढाहाया न करो ।।
तुम मुझको याद इस तरह किया न करो ।
जब लगे तुम्हें यह एहसास ।
नहीं मिलने की मुझसे पूरी होगी आस ।।
बस यूँहीं एक खुबसूरत सा ,पौधा लगाया करो ।।
तुम मुझको याद इसी तरह से किया करो ।।
नूतन सिन्हा
शिक्षिका लिट्रा वैली स्कूल
पटना बिहार।।