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देशभक्ति काव्य प्रतियोगिता , वीरों को नमन

“वीरों को नमन”

नमन करे उन वीरों को तुम

जो प्राणों का किये न मोह

मातृभूमि के लिये सदा जो

अंग्रेजों पर करि के कोह

प्रतिधा की पावक में जलकर

भस्म बिखेर दिये सब ओर

आजादी का मचा विगुल फिर

भभक उठी कृषानु सब ओर

कोलकाता से पेशावर तक

हिन्दू -मुस्लिम होकर एक

जूझ पड़े अंग्रेजों से सब

लेकर लाठी तीर कमान

गोरे देख दशा वीरों की

काँप उठे लंदन तक सभी

सत्तावन से सैंतालीस तक

जितने वीर गँवाए प्राण

नमन करो उन वीरों को तुम

जो प्राणों का किये न मोह

 

              के.एम. रेनू

              शोधार्थी

            हिंदी विभाग

           दिल्ली विश्वविद्यालय