न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

आपको बताते हुए हर्ष हो रहा है कि सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका जो कि 6 मैपलटन वे, टार्नेट, विक्टोरिया – 3029, ऑस्ट्रेलिया से सुश्री गरिमा मनीषी द्वारा प्रकाशित की जाती है। इसके प्रबंध संपादक प्रो. सारस्वत मोहन ‘मनीषी’ जी और सलाहकार मण्डल के अध्यक्ष डॉ श्रीनारायण ‘समीर’ जी हैं।

आपको यह अवगत करना चाहेंगे कि इसकी मुख्य सम्पादिका श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला जी द्वारा सम्पूर्ण आवश्यक व्यय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय किया जाता है साथ ही आर्थिक संसाधन जुटाने, तकनीकी सहायता एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी प्रकार के समन्वय में डॉ. शैलेश शुक्ला जी द्वारा मुख्य संपादक श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला जी को सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।

सबसे अहम बात है कि यह एक बहुविषयक, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका है। यह ई-पत्रिका हिंदी भाषा, साहित्य और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए सम्पूर्ण विश्व से भाषा, साहित्य और अनुसंधान के क्षेत्रों से स्वयंसेवकों का गैर-लाभकारी एवं पूर्णत: अव्यवसायिक मंच है। एक गैर-लाभकारी एवं पूर्णत: अव्यवसायिक मंच होने के कारण सृजन ऑस्ट्रेलिया से किसी भी रूप में सम्बद्ध किसी भी व्यक्ति या संस्था को किसी तरह का कोई मानदेय, कोई सुविधा, कोई भी अन्य लाभ देने का कोई प्रावधान नहीं है।

सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका के ‘वैश्विक हिन्दी अभियान’ में विभिन्न देशों के लब्ध प्रतिष्ठित विद्वानों, साहित्यिक, भाषिक एवं अकादमिक संस्थाओं के साथ-साथ ‘विश्व हिन्दी सचिवालय, मॉरीशस’ की भी सहभागिता है। इसका प्रकाशन व संपादन मुख्यालय ऑस्ट्रेलिया होने की वजह से सभी प्रकार के वैधानिक मामलों/विवादों के लिए न्यायाधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया है।

  • ‘सृजन-ऑस्ट्रेलिया’ अपने सीमित संसाधनों और स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं के साथ “वैश्विक हिन्दी अभियान” के लिए हर संभव कार्यक्रम एवं गतिविधियाँ आयोजित करने के लिए संकल्पबद्ध है और इस अभियान हेतु सभी व्यक्तियों, संस्थाओं, पत्र-पत्रिकाओं आदि के साथ मिलकर कार्य करने हेतु ‘खुले द्वार की नीति’ (Open Door Policy) के साथ कार्यरत है।
    सृजन ऑस्ट्रेलिया ने अब तक कुछ वेब-संगोष्ठियाँ स्वतंत्र रूप से और कुछ अन्य भाषिक, शैक्षणिक एवं साहित्यिक संस्थाओं के साथ मिलकर आयोजित की हैं। जिनमें से कुछ विशेष रूप से उल्लेखनीय हैँ :-


    1. रविवार19 जुलाई 2020 को सृजन ऑस्ट्रेलिया द्वारा “बाल साहित्य की वर्तमान स्थिति और चुनौतियाँ” विषय पर वेब-संगोष्ठी आयोजित की गई। इस वेब-संगोष्ठी में मुख्य वक्ता प्रो दिविक रमेश, सुप्रतिष्ठित कवि, बाल साहित्यकार, चिन्तक, अनुवादक एवं सदस्य संपादक मण्डल, सृजन ऑस्ट्रेलिया, विशिष्ट वक्ता डॉ विकास दवे, सुप्रसिद्ध साहित्यकार, संपादक, देवपुत्र, एवं सदस्य संपादक मण्डल, सृजन ऑस्ट्रेलिया, संचालक डॉ. धनेश द्विवेदी, सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं उप संपादक, राजभाषा भारती रहे। इस वेब-संगोष्ठी हेतु कुल 2100 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण करवाया।

    2. रविवार, 26 जुलाई 2020, सुबह 11 बजे सृजन ऑस्ट्रेलिया द्वारा “साहित्य सृजन और अनुवाद : विविध आयाम” विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय वेब-संगोष्ठी आयोजित की गई। इस वेब संगोष्ठी में मुख्य वक्ता प्रो. पूरन चंद टंडन, हिन्दी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय, अध्यक्ष, भारतीय अनुवाद परिषद एवं सदस्य, संपादक मण्डल, सृजन ऑस्ट्रेलिया, दिल्ली, भारत, विशिष्ट वक्ता श्रीमती रेखा राजवंशी, सुप्रसिद्ध अनुवादक एवं संयोजक, सृजन ऑस्ट्रेलिया, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया और सुश्री हेमा कृपलानी, सुप्रसिद्ध अनुवादक, सिंगापुर, अध्यक्ष श्रीनारायण समीर, सुप्रसिद्ध लेखक, शिक्षक, प्रशिक्षक, अनुवाद विशेषज्ञ एवं सदस्य, संपादक मण्डल, सृजन ऑस्ट्रेलिया, दिल्ली, भारत, संचालक श्रीमती श्रद्धा जैन जी, संयोजक, सृजन ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर रहे। इस वेब-संगोष्ठी हेतु कुल 4700 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण करवाया।

    3. रविवार, 16 अगस्त 2020 जुलाई, सुबह 11:30 बजे सृजन ऑस्ट्रेलिया द्वारा ‘विश्व हिन्दी सचिवालय, मॉरीशस’ के सहयोग से “हिन्दी का वैश्विक” विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय वेब-संगोष्ठी आयोजित की जा रही है। इस वेब संगोष्ठी में अध्यक्ष डॉ बिपिन बिहारी, भारतीय वन सेवा, पूर्व संयुक्त सचिव, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, मुख्य वक्ता डॉ माधुरी रामधारी, उप महासचिव, विश्व हिन्दी सचिवालय, मॉरीशस, विशिष्ट वक्ता श्री सत्यदेव प्रीतम, उपाध्यक्ष, आर्य सभा, मॉरीशस एवं उपाध्यक्ष हिन्दी वक्ता संघ, मॉरीशस एवं डॉ धनेश द्विवेदी, उप संपादक, राजभाषा भारती, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, अंतरराष्ट्रीय संयोजक श्रीमती कल्पना लालजी, सुप्रसिद्ध साहित्यकार, अनुवादक एवं सृजन ऑस्ट्रेलिया की मॉरीशस संयोजक और संचालक श्रीमती हेमा कृपलानी, अनुवादक एवं हिन्दी शिक्षिका, सिंगापुर होंगी ।

    चूंकि ‘सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका’ के लिए सभी आर्थिक संसाधन डॉ. शैलेश शुक्ला की ओर से ही कार्यकारी संपादक को उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, इसलिए डॉ. शैलेश शुक्ला जी का भाषिक एवं साहित्यिक क्षेत्र में संक्षिप्त परिचय जान लेना उचित होगा।

डॉ. शैलेश शुक्ला
सुप्रसिद्ध कवि, अनुवादक, पत्रकार एवं चिंतक


डॉ. शैलेश शुक्ला “न्यू मीडिया में साहित्य” पर पीएचडी करने वाले विश्व के पहले विद्वान हैं। डॉ. शुक्ला पिछले दो दशकों से अधिक समय से पूर्णकालिक रूप से हिन्दी सेवा में संलग्न हैं।

उन्होंने एक दशक से अधिक अवधि तक दिल्ली में पत्रकारिता और दिल्ली विश्वविद्यालय साहित अन्य शैक्षणिक संस्थाओं में अंग्रेजी एवं अर्थशास्त्र विषय शिक्षण, लगभग छ: वर्ष तक सिक्किम केन्द्रीय विश्वविद्यालय के पहले राजभाषा अधिकारी के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में भारत सरकार के एक उपक्रम में राजभाषा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैँ।

हिन्दी सेवा में उनके कुछ उल्लेखनीय कार्य : –

  • 1996 से साहित्य सृजन एवं लेखन में सक्रिय, देश विदेश के विभिन्न प्रतिष्ठित प्रकाशनों – राजभाषा भारती, खनिज भारती, शिक्षायण, नाट्य-मंजूषा, साक्षी भारत, दिल्ली न्यूज ट्रैक, दैनिक जागरण, दक्षिण भारत राष्ट्रमत, अमर उजाला, पुरवाई, विश्वा, तीस्ता-हिमालय, भारतवाणी, सामाज्ञा, अनुगामिनी, सलाम दुनिया, साक्षरता संवाद, कर्माबक्श, गर्दभराग, आवाम केसरी, अस्मिता, समाज-धर्म, पूर्वोत्तर भारती दर्पण, जनकृति, विश्वहिन्दीजन, IJHER, AMIERJ, आदि पत्र-पत्रिकाओं एवं विभिन्न पुस्तकों में कविताओं, कहानियों, व्यंग्यों, लेखों और शोधपत्रों सहित शताधिक प्रकाशन।
  • दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक अध्ययन के समय से ही अंतर-महाविद्यालय स्तर के कई पुरस्कारों सहित, ‘गांधी भवन’ दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा “मेरे लिए गांधी के अर्थ (What Gandhi Mean’s To Me” विषय पर आयोजित ‘राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता’ में ‘द्वितीय’ पुरस्कार एवं उनकी सुप्रसिद्ध हिन्दी कविता “हाँ, मैं एक वेश्या हूँ” पर हिंदी अकादमी, दिल्ली का ‘नवोदित लेखक पुरस्कार’ – प्रथम (2004) आदि प्रमुख हैं।
  • डॉ शुक्ला का दिल्ली विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो पर लाइव साक्षात्कार प्रसारित किया गया।
  • आकाशवाणी, टीवी चैनलों, कवि सम्मेलनों और काव्य गोष्ठियों में काव्य पाठ
  • राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय संगोष्ठियों, सम्मेलनों में शोध आलेख प्रस्तुत।
  • 31 जलाई 2020 को प्रेमचंद जयंती पर निर्मला कॉलेज, राँची द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में में डॉ. मृदुला सिन्हा, पूर्व राज्यपाल, गोवा एवं विश्व के अनेक प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय विद्वानों के बीच विशिष्ट वक्ता के रूप में व्याख्यान सहित विभिन्न महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, आईटीबीपी, दूरदर्शन, आकाशवाणी, आईसीएआर, केलोनिवि, पावर ग्रिड, आयुष, ईपीएफओ आदि कार्यालयों में मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि और स्रोत वक्ता के रूप में वक्तव्य

  • राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई आयोजन

सृजन ऑस्ट्रेलिया हेतु डॉ शैलेश शुक्ला का योगदान

डॉ. शैलेश शुक्ला बिना किसी पद को धारण किए देश की कई छोटी हिन्दी पत्रिकाओं को आर्थिक एवं अन्य संभव तरीकों से सहयोग करते आ रहे हैं।  डॉ. शैलेश शुक्ला ‘सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका’ में भी किसी भी पद पर नहीं हैं

सृजन ऑस्ट्रेलिया परियोजना की शुरुआत 1 दिसंबर 2019 (डॉ. शैलेश शुक्ला एवं श्रीमती  पूनम चतुर्वेदी की विवाह-वर्षगांठ) के दिन से हुई। इससे पहले भी डॉ शुक्ला हिन्दी जगत में अपने निजी आर्थिक स्रोतों से कई बड़े एवं भव्य कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं। यह पुन: उल्लेखनीय है डॉ शैलेश शुक्ला ने अपने हिन्दी सेवी कार्यों के लिए अब तक किसी भी व्यक्ति या संस्थान से एक रुपए की भी मदद नहीं ली है। सदा समस्त व्यय वे अपनी व्यक्तिगत बचत से करते आ रहे हैं।

डॉ शैलेश शुक्ला ने “सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका” को श्रीमती  पूनम चतुर्वेदी के माध्यम से  तन-मन-धन से सहयोग करते हुए विश्व के विभिन्न देशों सुप्रसिद्ध हिन्दी प्रेमियों को स्वयंसेवी के रूप में “सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका” से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया है और निरंतर कर रहें हैं।

सृजन ऑस्ट्रेलिया से सम्बद्ध स्वयंसेवी हिन्दी प्रेमी

सृजन ऑस्ट्रेलिया की इस स्वयंसेवी टीम में संपादकीय कार्यदल एवं सलाहकार कार्यदल में विश्व के विभिन्न देशों से बहुत से प्रतिष्ठित हिन्दी विद्वान सम्मिलित हैं जो पूर्णत: स्वयंसेवी एवं अवैतनिक आधार पर अपना बहुमूल्य योगदान हमारे इस साहित्यिक-भाषिक अभियान में दे रहें हैं। सृजन ऑस्ट्रेलिया की स्वयंसेवी टीम के कुछ प्रमुख सदस्य निम्नलिखित हैं : –

  • डॉ कमल किशोर गोयनका, पूर्व प्रमुख, केन्द्रीय हिन्दी संस्थान, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार
  • डॉ श्रीनारायण समीर, पूर्व निदेशक, केन्द्रीय अनुवाद ब्यूरो, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, बेंगलुरू, भारत
  • प्रो. दिविक रमेश, वरिष्ठ बाल साहित्यकार एवं सेवानिवृत्त प्राचार्य, मोतीलाल महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली
  • प्रो अरुण होता, हिन्दी विभाग, प. बंग राज्य विश्वविद्यालय बारासात, कोलकाता, भारत
  • डॉ ज्योतिर्मय ठाकुर, प्रसिद्ध साहित्यकार, लंदन, यूके
  • डॉ गिरीश पंकज, वरिष्ठ कवि एवं, व्यंग्यकार, रायपुर, छत्तीसगढ़, भारत
  • श्रीमती कल्पना लालजी, सुप्रसिद्ध साहित्यकार, मौरीशस
  • श्रीमती रेखा राजवंशी, प्रसिद्ध साहित्यकार, अनुवादक एवं हिन्दी शिक्षिका, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया
  • प्रो जय कौशल, हिन्दी विभाग, असम विश्वविद्यालय, दीफू परिसर, कार्बी आंगलोंग, दीफू, असम, भारत
  • प्रोफेसर चक्रधर त्रिपाठी, हिन्दी विभाग, विश्व भारती, शांति निकेतन, पश्चिम बंगाल, भारत
  • प्रो सुशील कुमार शर्मा, संकायाध्यक्ष (डीन), शिक्षा एवं मानविकी संकाय, मिजोरम विश्वविद्यालय, आईजोल, मिजोरम
  • प्रो सीपीवी विजय कुमारन, हिन्दी विभाग, केरल केन्द्रीय विश्वविद्यालय, केरल, भारत
  • डॉ मनीषा शर्मा, सह आचार्य, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक, मध्य प्रदेश, भारत
  • डॉ अमित शर्मा, विभागाध्यक्ष, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, जेईसीआरसी विश्वविद्यालय, जयपुर, राजस्थान, भारत
  • लावण्या शाह, विख्यात साहित्यकार, सिन्सिनटी, अमेरिका
  • डॉ विकास दवे, संपादक, देवपुत्र एवं सदस्य राजभाषा सलाहकार समिति, इस्पात मंत्रालय, भारत सरकार
  • डॉ बंदोपन्त पाटील, प्रसिद्ध साहित्यकार एवं सदस्य राजभाषा सलाहकार समिति, इस्पात मंत्रालय, भारत सरकार
  • डॉ यतीन्द्र कटारिया, एवं सदस्य राजभाषा सलाहकार समिति, श्रम मंत्रालय, भारत सरकार
  • डॉ राजेश श्रीवास्तव, उप निदेशक (राजभाषा), इस्पात मंत्रालय, भारत सरकार, दिल्ली
  • श्रीमती श्रद्धा जैन, प्रसिद्ध कवयित्री, सिंगापुर
  • श्री शिव कुमार निगम, उप निदेशक (राजभाषा), भारत सरकार, दिल्ली
  • डॉ. राजेन्द्र श्रीवास्तव, सहायक महाप्रबंधक – राजभाषा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, मुख्यालय, पुणे,  महाराष्ट्र

उपरोक्त सूची में दिए गए हिन्दी प्रेमियों के नाम केवल कुछ ही हैं, वास्तविक सूची उपरोक्त से काफी बड़ी है।

सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका का प्रवेशांक हिन्दी भाषियों की सबसे बढ़ी जनसंख्या वाले देश भारत के ‘हिन्दी दिवस’ – 14 सितंबर की पूर्व संध्या पर प्रकाशित किया जा रहा है। चूंकि भारत सरकार द्वारा ‘देवनागरी लिपि में लिखी हिन्दी’ को राजभाषा के रूप में चुने जाने के 71 वर्ष पूरे हो रहे हैं, इस तथ्य को स्मरणीय बनाने के लिए ‘सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका’का प्रवेशांक 71 पृष्ठों का होगा। (संभवत: विश्व इतिहास में पहली बार ऐसा होगा जब किसी पत्रिका के पृष्ठों की संख्या विषम होगी)

‘सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका’ की वेबसाइट

www.SrijanAustralia.com  ‘सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका’ का लिंक है।

यह वेबसाइट अभी निर्माणाधीन है। जैसा कि पहले बताया गया कि ‘सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका’ हेतु सभी आर्थिक संसाधन प्रत्यक्ष रूप से इसकी कार्यकारी संपादक पूनम चतुर्वेदी शुक्ला और अप्रत्यक्ष रूप से डॉ. शैलेश शुक्ला जी द्वारा जुटाए जा रहे हैं और यह भी कि डॉ. शैलेश शुक्ला “न्यू मीडिया में हिन्दी साहित्य” पर पीएचडी स्तर का अध्ययन करने वाले विश्व के प्रथम विद्वान हिन्दी सेवी हैं।

डॉ. शैलेश शुक्ला ने पिछले 10-12 वर्षों में “न्यू मीडिया में हिन्दी साहित्य” पर अपने अध्ययन के दौरान विश्व की सभी प्रमुख हिन्दी वेब पत्रिकाओं का गहन अध्ययन किया है और इस अध्ययन से प्राप्त अनुभव एवं नवाचार का समावेश करते हुए डॉ. शैलेश शुक्ला ‘सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका’ की वेबसाइट www.SrijanAustralia.com  को विश्व की अब तक सर्वोत्तम हिन्दी वेबसाइट बनाने की दिशा में हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं।

‘सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका’ की वेबसाइट www.SrijanAustralia.com  अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एक अनोखी परियोजना है जिसमें डॉ. शैलेश शुक्ला का दो दशक से अधिक समय का अनुभव, उनका गहन चिंतन एवं नित्य नया करने की उनकी ललक स्पष्ट दृष्टिगोचर होती है।

यह वेबसाइट अधिकतम संभव स्वचालन सिद्धांत पर कार्य करेगी जिसमें रचनाकारों द्वारा साहित्यिक रचना / शोध-पत्र जमा करने से लेकर 4-5 स्तर का सम्पादन/समीक्षा कार्य (Blind Peer Review सिद्धांत के अनुसार) – सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन वेबसाइट पर ही सम्पन्न की जाएंगी।

 ‘सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका’ में प्रकाशन हेतु साहित्यिक रचनाएं / शोध पत्र जमा करने हेतु रचनाकार / लेखक को वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण हेतु एक अत्यंत वृहद फॉर्म होगा जिसमें लेखक के साहित्यिक / लेखकीय कार्यों का विस्तृत विवरण होगा। पंजीकरण ईमेल और मोबाईल के माध्यम से पहचान की पुष्टि के साथ पूर्ण होगा।

साहित्य की प्रत्येक विधा एवं शोध-पत्रों के लिए निर्धारित दिशा निर्देशों के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार एक विस्तृत प्रपत्र होगा, जिस पर रचनाकार को सभी आवश्यक सूचनाएं और पाठ पोस्ट करना होगा।

रचनाकार को रचना जमा करने के आवश्यक दिशा निर्देश पढ़ने के बाद रचना की विधा, उस विधा के भीतर विभिन्न खंडों में से आवश्यक खंड को चुनना होगा। उदाहरण के लिए नीचे दिया गया निर्माणाधीन वेबसाइट का स्क्रीनशॉट देखा जा सकता है ।

उपरोक्त चित्रानुसार लेखक को रचना जमा करते समय पहले विधा के रूप में ‘काव्य धारा’ चुनना होगा और फिर अपनी रचना के अनुसार ‘काव्य धारा’ के विभिन्न खंडों – महाकाव्य, खंडकाव्य, गीत, बालगीत, नवगीत, ग़ज़ल, दोहे, मुक्तक, क्षणिकाएं, हाईकु, घनाक्षरी, मनहरी,  नई कविता, मुक्त छंद,  गद्य गीत, अन्य काव्य विधाएं आदि में से कोई एक चुनना होगा और तदनुसार मिलने वाले प्रारूप अनुसार रचना जमा करनी होगी।

वेबसाइट पर जमा की गई रचनाओं पर प्रशिक्षु संपादक, कनिष्ठ संपादक, सहायक संपादक, उप संपादक, सह संपादक आदि इसी क्रम में सम्पादन कार्य करेंगे। और अंत में रचना वेबसाइट पर निर्धारित विधा के अंतर्गत निर्धारित वर्गीकरण के अनुसार पोस्ट कर दी जाएगी।

‘सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका’ की वेबसाइट http://srijanaustralia.com/ पर रचना प्रकाशित होते ही रचनाकार के पास ईमेल के माध्यम से इसकी सूचना पहुँच जाएगी।

प्रकाशित रचना को सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर साझा करने की सुविधा ‘सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका’ की वेबसाइट http://srijanaustralia.com/ पर रहेगी। शोध-पत्रों के मामले में संबंधित लेखकों को पीडीएफ़ प्रति उपलब्ध करवाई जाएगी।

‘सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका’ की अन्य गतिविधियाँ

साहित्य की सभी विधाओं में रचनाओं एवं हिन्दी भाषा में ज्ञान-विज्ञान के सभी विषयों पर शोध-पत्रों के प्रकाशन के साथ-साथ ‘सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका’ का उद्देश्य विभिन्न संभव गतिविधि के माध्यम  से ‘हिन्दी अभियान’ को विश्व के अधिकतम संभव हिन्दी प्रेमियों तक पहुँचाना है।

डॉ. शैलेश शुक्ला द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर जुटाए गए कार्यकारी संपादक श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला को इस कार्य हेतु सौंपे गए अपने सीमित संसाधनों और स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं के साथ ‘सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका’ हिन्दी के वैश्विक प्रचार-प्रसार के लिए हर संभव कार्यक्रम एवं गतिविधियाँ आयोजित करने के लिए संकल्पबद्ध है।