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डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

जिंदगी को जान मील गई

जिंदगी को आज अरमान मील गयी ख्वाबों के मुहब्बत की उड़ान
मिल गयी दुनियां के झमेले में जान मील गयी।।
दिल धड़कता है धड़कन बोलती है जिंदगी की हमसफर अंदाज़ मील गयी।।
जिंदगी को आज अरमान मील गयी ख्वाबो के मुहब्बत की उड़ान
मील गयी दुनियां के झमेले में जान मिल गयी।।
क्या कहूँ क्या नाम दूँ जन्नत की
जीनत आसमान की परी या नाज रौशन कहूँ ,कुछ न कहूँ बस देखता रहूँ जिंदगी का आश विश्वास मील गयी।।
जिंदगी को आज अरमान मील गयी ख्वाबों के मुहब्बत की उड़ान
मील गयी दुनियां के झमेले में जान मिल गयी।।
तन्हा जिंदगी की बिरानियो में
मौजो की कश्ती राजदार मील गयी।।
जिंदगी को आज अरमान मील गयी ख्वाबों के मुहब्बत की उड़ान
मील गयी दुनियां के झमेले में जान मील गयी।।
बचपन जवाँ दिल की चाहत
हकीकत साँसों में बसी धड़कन
आवाज़ मील गयी।।
जिंदगी को आज अरमान मील गयी ख्वाबों के मुहब्बत की उड़ान
मील गयी दुनियां के झमेले में जान मील गयी।।
पंख उम्मीदों के जज्बा हौसला
जिंदगी मंजिल की परवाज़ मील गयी।।
जिंदगी को आज अरमान मील गयी ख्वाबों के मुहब्बत की उड़ान
मील गयी दुनियां के झमेले में जान मील गयी।।
साथ चलने ख़ुशी गम में
जीने मरने का वादा चाहतो की
चाहत सौगात मील गयी।।
जिंदगी को आज अरमान मील गयी ख्वाबों के मुहब्बत की उड़ान
मील गयी दुनियां के झमेले में जान मिल गयी।।
जिंदगी का लम्हा तकदीर
इश्क हुस्न की जागीर अंजान
जिंदगी का इज़हार मील गयी।।
जिंदगी को आज अरमान मील गयी ख्वाबों के मुहब्बत की उड़ान
मिल गयी दुनियां के झमेले में जान मील गयी।।
नन्दलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर गोरखपुर उत्तर प्रदेश

Last Updated on February 21, 2021 by nandlalmanitripathi

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