न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

तुमने ही हृदय बिछाया…

प्रेम-काव्य प्रतियोगिता हेतु रचना

 

तुमने ही हृदय बिछाया….

तुम धूप हो, तुम छाँव हो
पसरी हुई निस्तब्धता में
जीवंत हुआ-सा ठाँव हो ।
घिर-घिरकर जब आया तम
तुमने ही दीया जलाया
जब-जब हाथों से छूटे हाथ
तुमने ही हृदय बिछाया ।
अभिलाषा को प्राण दिए
मन को फिर आकाश दिया
विकल हुई बुझती लौ को
अपना स्नेह प्रकाश दिया ।
संसृति की साध मिटी जब-जब
तुमने ही नवसंचार किया
खिलते-हँसते मधुमास दिए
अपना सारा अभिसार दिया ।
मृतप्राय हुए चिंतन को
स्पंदन का अधिकार दिया
शीतल, संसिक्त स्नेह दिए
प्रतिक्षण नूतन संसार दिया ।

(बीना अजय मिश्रा)

Last Updated on January 18, 2021 by beena9279

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