न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

शीर्षक : ” काश एक बार कहा होता “

मुझे क्या ! मालूम था कि तुझे,
मुझसे मोहब्बत थी इतनी।

अगर साहस और प्रेम भाव थे पास तेरे ।
कह देने में गुनाह क्या थी।।
नदी की धारा बहती है,
वो भी कुछ कहती है ।।
हिलोरें भरती है, गुन – गुन- गुनगुनाती है ,
दिल मे तरंगे जब उठती है ,
वो भी अपनी फरियादें कुछ सुनाती हैं ।।
दिल में मोहब्बत , होठों पे कयामत ,
यह क्या हुई….. इबादत ?
मोहब्बत होती है , निभाने की।
प्यार की ललक को छुपाई नहीं जाती ।।
ये मदहोश शीतल मस्त पवन,
सन -न -न -न पुरवैया बहे ,
फिर भी ,
अपने अन्तर्मन की बात कहे,
जैसे लगी खुशियोँ से भर आया आँगन!
विस्मित हुआ अब मेरा मन ।।
क्यों? दे दी तुने! एक पल में प्यार की ,
अपनी आहुति काश !! एक बार कहा होता…!

अगर थी मुझसे मोहब्बत…..
तो सीखो ! उस नदी की धारा से,
जो बिन रुके-झुके, बिन थमें-मिलने को,
व्याकुल हो उठती है ,अपने उस प्रियतम किनारा से।।

ओह ! तुमने ये कैसी भूल की।
काश!एक बार कहा होता!
ये जीवन संसार हमारा और तुम्हारा होता ।।

नूतन सिन्हा
पटना बिहार ।।

Last Updated on January 20, 2021 by nutansinha139

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