न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

समसामयिक दोहे

  • दोहे ,,,
  • 1,,,
  • इच्छाएं घर से चलीं,कर सोलह श्रृंगार।।
  • लौटी हैं बेआबरू, हो घायल हर बार।।
  • 2,,,
  • आंधी से अनुबंध कर, चुप हैं पीपल आम।।
  • पौधों को सहना पड़े,इस छल के परिणाम।।
  • 3,,,,
  • विपदा बस जब कृषक ने,बेचा अपना खेत।।
  • मिट्टी रोई फूटकर, मैंडैं हुईं अचेत।।
  • 4,,,,
  • रस्ता है कांटो भरा, हम हैं नंगे पांव।।
  • आंखों पर पट्टी बँधी, बहुत दूर है गांव।।
  • 5,,
  • मृगतृष्णा सी जिंदगी, जिसमें भटके लोग।।
  • जीवन जल संदर्भ है,इक अनुपम संयोग।।
  • 6,,,
  • होंठों पर ताले लगे, पैरों में जंजीर।।
  • उसपर भी हम ढो रहे, पर्वत जैसी पीर।।
  • 7,,,
  • उस जंगल सी जिंदगी, कैसे करें कबूल।।
  • जिसमें बट पीपल नहीं,उगते सिर्फ बबूल।।

बृंदावन राय सरल सागर एमपी।

वरिष्ठ कवि एवं शायर सागर मप्र।

मोब,,,7869218525

  •  

Last Updated on January 15, 2021 by bindravnrais

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