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डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

वज़ूद

#वज़ूद

इस कायनात में
अगर कुछ है
तो वो सिर्फ
“वज़ूद”
अगर वो है
तो ये सारी दुनियाँ
तुम्हारे पक्ष में है ।

इसलिए ,,,,
स्वयं को
पढ़ो,
लिखो,
सँवारो,
निखारो,
अपने लिए भी,
कुछ वक़्त निकालो !!!

ख़ुद से खुद के
दफ़्न किये गए शौकों को
पुनः जीवित करने के लिए..
गाओ,
गुनगुनाओ,
थिरको
अपनें मन की मधुर तान पर …!!!

बार-बार निहारो,
आईने में ख़ुद को,
सज-सँवर कर ,
मुग्ध हो अपने ही रूप पर,
अपनी ही देहयष्टि पर,
ये सुंदरता तुम्हारी है,
सिर्फ तुम्हारी अपनी है !!!

करो रसास्वादन
अपने गुणों का
अपनी कलाओं का
अपनी खूबियों का !!!

क्योकि….
इसी से तुम्हारा “वज़ूद” जिंदा है
तुम्हारी पहचान जिंदा है
तुम्हारा अस्तित्व जिंदा है !!!

अगर तुम्हारा वज़ूद
सबल है तो सबल भी
तुम ही बनोगी… !!!
क्या जीना,,,????
दूसरों की मुस्कुराहटों के लिए
अपने को रुला कर
अपना मन मार कर
दूसरों की ख्वाहिशें
पूरी करने के लिए !!!

वो दूसरा है
दूसरा ही रहेगा
तुम्हारा नही होगा
अगर होता वो तुम्हारा
तो तुम्हें बिखरने न देता
स्वयं की खुशियों के ख़ातिर
तुम्हें मिटने न देता
इस कदर एक दायरे में तुम्हे
सिमटने न देता !!!

तुम , तुम्हारा वज़ूद
ही तुम्हारा अपना है
और कोई दूसरा नहीं
इसलिये ,,,
सहेजो “स्व” को ….||
—सीमा पटेल

Last Updated on April 8, 2021 by srseossoda

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