न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

बिना तेरे

तेरा हो जाऊँ

तेरा हो जाऊँ

तेरी बाहों के सिरहाने पे, सर रख कर सो जाऊँ ।
तेरे हसीं खाबों में हमेशा के लिए गुम हो जाऊँ ।।

हम भी बड़े बेताब हैं,तेरे दिल में रहने को;
तू प्यार से बुला मुझे,मैं अंदर तभी तो आऊँ ।

तुझे हक़ से दुनिया वालों से माँग ही लूँगा;
बस, पहले ज़माने की नजर में कुछ हो जाऊँ।

हर वक्त मेरे ही ख़्याल पैदा हो तेरे ज़हनो-दिल में; तेरी यादों में अहसासों के कुछ मीठे बीज बो जाऊँ ।

अब तो दिन-रात यही फ़रियाद करता है ‘दीप;
ता क़यामत तू मेरी हो जाए ,मैं तेरा हो जाऊँ।

तेरी बाहों के सिरहाने पे, सर रख कर सो जाऊँ ।
तेरे हसीं खाबों में हमेशा के लिए गुम हो जाऊँ ।।

    संदीप कटारिया (करनाल, हरियाणा)

Last Updated on March 19, 2021 by sandeepk62643

Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn

More to explorer

क्षणिकाएँ (विडम्बना)

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱(1)झबुआ की झोंपड़ी परबुलडोजर चल रहे हैंसेठ जी कीनई कोठी जोबन रही है।** (2)बयान, नारे, वादेदेने को

वज़ूद

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱#वज़ूद इस कायनात में अगर कुछ हैतो वो सिर्फ “वज़ूद”अगर वो है तो ये सारी दुनियाँ तुम्हारे

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *