न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

बचपन…!!!

जब अभाव के सागर में,
संघर्ष पिता का अथक रहा,
खुद के सुख से हर क्षण उनका,
जीवन जैसे हो पृथक रहा,
मैं हठ के भाव से प्रेरित तब,
कैसे खुद से अब न्याय करूं?
कैसे वो बचपन याद करूं?

अल्प सीमित संसाधन से,
अभिलाषा हर सुख ला देने की,
मैं कण की मांग अगर कर लूं,
अभिलाषा पर्वत ला देने की,
मैं और अधिक की चाह लिए,
कैसे खुद से अब न्याय करूं?
कैसे वो बचपन याद करूं?

पश्चाताप के आंसू जब,
पापा की आंख में रह जाते,
हर भौतिक सुख ना दे पाने का,
एहसास हृदय में पी जाते,
मैं तब जड़वत अनभिज्ञ खड़ा,
कैसे खुद से अब न्याय करूं?
कैसे वो बचपन याद करूं?

पैरों के छाले ढक लेते वो,
झूठी मुस्कान के चादर से,
हर एक कष्ट को सह लेते वो,
मुस्कान लिए इक आदर से,
“मैं हूं अबोध” यह सोच लिए,
कैसे खुद से अब न्याय करूं?
कैसे वो बचपन याद करूं?

सुख दुख को सब पहचान सकें,
हे ईश्वर…! तुम वरदान दो,
पितृ भाव जो समझ सकें,
ऐसे ही पुत्र का नाम दो,

ना ग्लानि बसे मेरे हृदय,
जब खुद से मैं प्रतिवाद करूं,
हो एक सुखद अनुभूति मुझे,
जब भी मैं बचपन याद करूं…!
जब भी मैं बचपन याद करूं…!!

सादर🙏🙏

Last Updated on January 22, 2021 by rtiwari02

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