न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

पूनम शर्मा की कविता – ‘चमकेगी हिंदी की बिंदी’

पूरब से पश्चिम तक

उत्तर से दक्षिण तक

सबको पिरोती एक डोर में

इसलिए सूत्रधार बनके चमकेगी हिंदी की बिंदी।

अलग-अलग जाति, धर्मों के लोग यहाँ

भिन्न-भिन्न प्रांतों के भिन्न त्योहार यहाँ

इतनी विविधता होने पर

एकता बनके चमकेगी हिंदी हिंदी की बिंदी।

जन-जन के भावों को दर्शाती

राष्ट्र को एक पहचान दिलाती

यह मधुर-मनमोहन, यही मनभाती

इसलिए मातृभाषा बनके चमकेगी हिंदी की बिंदी।

बचपन से बच्चे की बोली बन जाती

नैतिक मूल्य भी यही सिखाती

सबके ज्ञान में वृद्धि कर जाती

इसलिए शिक्षा बनके चमकेगी हिंदी की बिंदी।

प्रेमचंद, भारतेंदु, अज्ञेय, चौहान और त्रिपाठी

तत्सम, तद्भव, देशी, विदेशी सबको अपनाती

आदि से अब तक का इतिहास बताती

इसलिए साहित्य बनके चमकेगी हिंदी की बिंदी।

आओ मिलकर इसको फैलाएँ

विश्व में इसका नगाड़ा बजाएँ

इसे जन-जन की आवाज़ बनाएँ

तभी तो सूरज बनके चमकेगी हिंदी की बिंदी।

Last Updated on November 30, 2020 by srijanaustralia

Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn

More to explorer

महिला दिवस पर विशेष

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱*नारी दिवस विशेष*महाभारत होता है औरत सेसिख अभी इस बात को सुनकरगर अपमान किया औरत काहर चौराहा

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *