न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

होली

बस रंगों का त्योहार हैं होली

और ढंगों का त्योहार हैं होली

मिलजुल जाए आपस में सारे

ऐसा यहीं ईक़ त्योहार हैं होली

 

करती फिज़ा ज़वान हैं होली

बदलतीं हिज़ा इंसान की होली

धरती अम्बर एक सा करती

करती खिज़ा मानसून की होली

 

खाते सब क्यूँ हैं भाँग की गोली

करतें उलटी सीधी बात बोली

बेढंगे करतूत से अब अपने

बना दिये त्योहार को बम गोली

 

ना मत इसको बदनाम करो

बस रंग अबीर के नाम खेलो

ये पर्व हैं प्यार और उन्नति का

बोली जुआ में ना बरबाद करो।।

©बिमल तिवारी “आत्मबोध”

   देवरिया उत्तर प्रदेश

   #रंगबरसे 

   #RangBarse

Last Updated on March 26, 2021 by bmltwr

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