न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्याम ‘राज’ की कविता – ‘मिट्टी का दीया’

दीप जलाओ खुशियों के
मिटा दो अंधियारे दिलों के
देखो ! आ गई है दिवाली
फिर खुशियों की बारात ले के
रंग रोगन देखो सब पुराने हुए
चलो फिर से नया करते हैं
खुद भी हंसते , सबको हंसाते हैं
ले आना तुम भी इस दिवाली को
मिट्टी के दीये , तेल , रूई की बाती को
छोड़ लडिया थडिया लाल पीली गुलाबी को
अब तक पैसें वालों से बहुत खरीदें
चलो ! इस बार खरीदें अम्मा से
जो बैठी है सुबह से चौराहे पर
ले मिट्टी के दीये
मोल-भाव यहां तुम मत करना
बस दो रूपये का है एक दीया |

Last Updated on January 4, 2021 by srijanaustralia

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