न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

प्रेम काव्य प्रतियोगिता हेतु , . प्रणय पत्र

 

. प्रणय पत्र

 

सोचा

आज एक प्रणय पत्र लिखूँ

दिल हो कागज़ और

काजल हो स्याही

कि तुम जब देखो

तो तुम्हें देखे मेरी नज़र  

 

पर क्या लिखूँ ?

तुम्हारे स्मित भरे हैं अधर

तुम्हारे चमकीले हैं नयन

तुम्हारी खनकती ही आवाज़

या तुम हो मेरे दिल का साज

 

ना जाने क्यों ये बातें

बेमानी –सी लगती है

प्रणय की परिभाषा

क्या ऐसी होती है ?

 

बंधनों –बंदिशों से दूर

चाहतों शिकायतों से परे

प्रिय में समाकर

विश्वास की ड़ोर से बंधा

जीने का नूर है प्रणय

 

शब्दों में ढ़लकर

कम न अधिक हो

क्रिया- प्रतिक्रिया से

सच्ची ना झूठी हो

 

तन की सीमा छोड़

मन की परीधि में

आत्मा से बंधकर

सुंदर एहसास है प्रणय  

 

सृष्टि के कण-कण में

रचा- बसा है प्रणय

शाश्वत सत्य का

साक्षात्कार है प्रणय

तृष्णा में तृप्ति है प्रणय  

समर्पण का भाव है प्रणय  

 

बस पूर्ण  समर्पण है प्रणय

 

 

 

 

 

 

Last Updated on January 7, 2021 by swarnajo

Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn

More to explorer

आँगन में खेलते बच्चे

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱आँगन में खेलते बच्चे आँगन में खेलते रंग-बिरंगे बच्चे,लगते कितने प्यारे कितने अच्छे !फूलों-सी मुस्कान है-चेहरों परऔर

देखो मेरे नाम सखी

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱देखो मेरे नाम सखी “   प्रियतम की चिट्ठी आई है देखो मेरे नाम सखी विरह वेदना

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *