न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

कविताओं के सिरे

मेरी कविताओं के बस सिरे नहीं मिलते..
शुरुआत मिलती है क्यूँ अंत नहीं मिलते..

रंगीन पतंग सी उड़ के पहुँचती है दूर…
पीछे लौट नहीं पाती,है कैसी मजबूर..

मुरझाये फूलों सी मृत पड़ी है किताब में.
भावनाओं की ख़ाक भी होगी हिसाब में..

कितने ही शब्दों को जोड़ कर लिखी गयी..
कुछ तो छूटा है जो अधूरी सी कहीं रह गयी..

आँखों के गंगाजल से धुली पवित्र सी लगती है..
कभी मुस्कान के पैबंद में विचित्र सी लगती है..

सुनो !! तुम भी तो जानते हो ना मेरी भाषा..
पूरा करोगे इन्हे क्या मैं करूँ तुमसे ये आशा..

बस ख्याल इतना सा मायने मेरे बदल मत देना..
ना हो ना सही लौट जाओ अभी साथ मत देना..

प्रेम के बदले प्रेम, तुमसे “प्रिया ” नहीं चाहती है..
प्रेम स्वतंत्र है,ये कविता हिय से कहना चाहती है..

Priya kumaar©

Last Updated on January 4, 2021 by gahalautp

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नासूर

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱बन जाती हैं दूरियाँ, रिश्तों में नासूर ।  मधुर वचन से कीजिए, मतभेदों को दूर । । 

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