न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

” आज की नारी “

“आज की नारी”
ना खेल हैं ना खिलौना हैं
ना तेरे बिस्तर का बिछौना हैं,
खुल के कहेंगें सबसे लड़ेंगें
अब जो होना है सो होना है।।

मजबूर किया लाचार किया
एक बार नहीं कई बार किया,
शौक है तेरा नंगा बदन
अब तुझको नंगा होना है।।

लूटते रहे सब सहते रहे
ख़ुद से शर्मिंदा होते रहे,
अब बेशर्मी के आगे हमारी
तुझको शर्मिंदा होना है।।

कुछ भी खोने का ख़ौफ नहीं
हम किसी के रोके रुकें नहीं,
अब नींद उड़ाकर के तेरी
कुछ पल चैन से सोना है।।

करते हैं दुआ ये रब से ‘निशीथ’
सदा ही हो तुम सब की जीत,
अरे दुर्गा अवतारी हो तुम सब,
इन राक्षसों का अन्त तो होना है।।

– डॉ. निशीथ चन्द्र

मुम्बई, महाराष्ट्र।

Last Updated on January 5, 2021 by drnc2108

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