न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

तुम राम नहीं बन सकते तो…!!

निंदित कर्मों के बीच फंसे,
सत्कर्मों के अभिराम बनो,
तुम राम नहीं बन सकते तो,
कण के इक भाग सा राम बनो।

पर निंदा की तुम धारा में,
बहते ही बहते जाओगे,
कलुषित मन के दुर्भावों पर,
पर्वत सा पूर्ण विराम बनो,
तुम राम नहीं बन सकते तो,
कण के इक भाग सा राम बनो।

नीति अनीति के सागर में,
नाविक तो तुम अब बन बैठे,
लहरों से क्यूं भयभीत हुए,
इक सत्यनिष्ठ संग्राम बनो,
तुम राम नहीं बन सकते तो,
कण के इक भाग सा राम बनो।

आराध्य नहीं हो सकते तुम,
जब तक ना अहम का त्याग करो,
जलधि सदृश तुम हठी नहीं,
निर्मल जल सा अविराम बनो,
तुम राम नहीं बन सकते तो,
कण के इक भाग सा राम बनो।

शत्रु भाव परिलक्षित हो,
तुम मित्र भाव ही दर्शाओ,
निंदक की निन्दा को तुम,
प्रेम भाव से भर जाओ,

श्रीकृष्ण सा इक प्रेमी बनकर,
तुम सबल एक बलराम बनो,
तुम राम नहीं बन सकते तो,
कण के इक भाग सा राम बनो।

सादर🙏🙏

Last Updated on January 22, 2021 by rtiwari02

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