न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

“महिला दिवस काव्य प्रतियोगिता” हेतु कविता।

बेटियाँ

घर मेरे मौसम की, बहार आयी,

घर मेरे  शबनम की, फुहार आयी,

दे दिया तोहफ़ा, मुझे कुदरत ने,

बागीचे में मेरे, एक कचनार आयी।

 

ओस सी नाज़ुक, मासूम तितलियों सी,

कमल से नयन, चमक बिजलियों सी,

मुस्कुराहट तो ऐसी कि गम भूल जाऊँ,

सभी को हँसाने, एक गुलनार आयी।

 

ज़माने से लड़ना, है सिखाना तुम्हें,

आगे और आगे, है बढ़ाना तुम्हें,

पढ़ेगी, बढ़ेगी, होगा मुकाम हासिल,

मेरा सपना वो करने साकार आई।

 

बेटियाँ अमानत, हैं किसी और की,

सोच को ऐसी, बदलना ही होगा,

सम्भलेगी अभी, सम्भालेगी तभी,

दो-दो कुलों का, बढ़ाने मान आई।

नवल किशोर गुप्त

वाराणसी

मो. 7752800641

Last Updated on January 21, 2021 by replytonawal

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पूछते हो मैं कौन हूं….

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱मैं अर्पण हूं,समर्पण हूं, श्रद्धा हूं,विश्वास हूं। जीवन का आधार, प्रीत का पारावार, प्रेम की पराकाष्ठा, वात्सल्य

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