न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

प्रेम- काव्य लेखन प्रतियोगिता

जमी’ पे तारे जो झिलमिलाए
कहो तो कैसी ये बात होगी ,               
मेरे महल में  जो चाँद उतरे               
कहो तो कैसी  वो रात होगी। 
 
ये मस्त  खुशबू, ये  भौर    गुंजन 
तनुक-सी फुनगी पे फूल -स्पन्दन
प्रभात    बेला,     पुनीत    वंदन
तेरे नयन  का  थिरकता  खंजन
मेरे   हृदय  में   उतर  जो   जाए
कहो  तो  कैसी  ये  बात  होगी । जमी-पे—
 
स्वच्छंद   वीणा  के  तार  बोले
जो कोई  मुक्ति  के द्वार  खोले
मधुर-सा सपना नयन में  डोले
कोई जो प्राणों  में रस को घोले
जो प्रीति-कलिका हृदय खिलाए
कहो  तो  कैसी  ये  बात   होगी  ।जमी  पे—
 
अनंत आकाश का  नील रंजन
तेरे  प्रणय  का  ये  गाढ़  बंधन 
थिरक उठे क्यों  ना मोर बन मन
न क्योँ लगे सिकता स्वर्ण का कण
जो   रस   में   मेरा  हृदय  नहाए 
कहो  तो  कैसी  ये   बात   होगी   ।जमी पे–

Last Updated on January 9, 2021 by amarkantkumar1959

Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn

More to explorer

पूछते हो मैं कौन हूं….

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱मैं अर्पण हूं,समर्पण हूं, श्रद्धा हूं,विश्वास हूं। जीवन का आधार, प्रीत का पारावार, प्रेम की पराकाष्ठा, वात्सल्य

4 thoughts on “प्रेम- काव्य लेखन प्रतियोगिता”

  1. Avatar
    Sudha Choudhary

    मन महकने लगा बहुत ही बेहतरीन कविता है 👏👏👏👏👏

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *