न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

प्रेम -काव्य लेखन प्रतियोगिता हेतु

मन महकने लगा, तन बहकने लगा
कर दिया कोई जादू तेरे नाम ने, 
बंद सी आँख मेरी ये कहने लगी, 
तु जरूर आ गई है मेरे सामने। 
 
अब तलक कोई प्राणों में आई ना थी, 
कोई खुशबू रगों में समायी ना थी, 
मन की वीणा पर अंगुली चलाई ना थी, 
प्यार की कोंपले सुगबुगाई न थी, 
तूने पुलका दिया मन के चुप तार को, 
किस यवनिका से आकर मेरे सामने। मन…….. 
 
तेरी पायल की छम- छम बसी प्राण में, 
गर्म साँसों की सीं- सीं सटी कान में
तेरे अलकों की भीनी महक घ्राण में, 
जैसे सद्भाव निखरे हों इंसान में, 
खिल उठा मन- कमल प्राण- सर में विकल
पा तेरी पूर्ण आनन- विभा सामने। मन…. 
 
यों लगा सारा संसार सोने लगा, 
तेरे पदचाप- तालों में खोने लगा, 
फूल के गाल पर ओस सोने लगी, 
चाँद जग को किरण से भिगोने लगा, 
यह कोई स्वप्न था याकि तेरा असर, 
मुझको उल्झा दिया इसी अंजाम में। मन…. 
          –डॉ. अमरकांत कुमर

Last Updated on January 9, 2021 by amarkantkumar1959

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