न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सूरज और ब्रह्मांड

उदय सूरज का पूरब से
आशा विश्वास की मुस्कान लिए।।
रौशन करता त्रिभुवन को
खुशियों का भान लिए।।
अस्ताचल पश्चिम में सागर की
गहराई आसमान का अभिमान लिए।।
अस्ताचल कहते सूरज
आऊँगा मैं घने आंधेरो की रात के
बाद नई सुबह की नई खुशी में
हँसतचल की प्यार परछाई बन
ऊंचाई अरमान लिये ।।
कहती अवनि अपना तो
सूरज से युगों युगों से पल प्रहर का
साथ मेरा सौभाग्य प्रकृति प्रबृत्ति
का संग साथ लिये।।
ना हो सूरज तो नही बनेगी
ब्रह्मा की सृष्टि जीव जगत का
प्यारा संसार रह जायेगा महाप्रलय
का अंधेरा हाहाकार लिये।।
नन्दलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर गोरखर उत्तर प्रदेश

Last Updated on February 5, 2021 by nandlalmanitripathi

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