न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

अहसास- पिता होने का

हम तो चाॅद सितारे, उस परिवार के,

जिसमें पिता एक आकाश होता है।

जिसके रोशनी से दमकते पूरा घर,

वह तो पिता का ही प्रकाश होता है।1।

आसमां से ऊंची होती जगह कहीं, 

तो वह बस,पिता का स्थान होता है।

कंधों पे बैठा लेते,तब लगता मुझको,

इस सारे जगत का अभिमान छोटा है।2।

दुलार पर कह सकते नहीं तुम्हें,

पर चुप्पी में छुपा यार नजर आता है।

हमारी खुशी में लाखों गम भूल जाते,

मेरी तोतली पे दिलबाग नजर आता है।3।

जोश आ जाता जग जीतने का जब,

मेरी हथेली तुम्हारी ऊँगली पकड लेती,

परिवारों का आदर्श बन जाते तभी तुम,

मेरी कामयाबी जब चार चाँद लगा लेती।4।

तुम नहीं,तो लगता इस घर की छत नहीं, 

जरा सी हवा में,ये तूफान नजर आता है।

आग के गोले से लगते बन्धुबान्धव मेरे,

झरोखे से,ये शहर वीरान नजर आता है।5।

 

 

Last Updated on December 13, 2020 by opgupta.kdl

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