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डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

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डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

*”विश्व स्वास्थ्य दिवस-2021″पुनः बढ़ते कोरोना से जंग*

*”विश्व स्वास्थ्य दिवस-2021″ पुनः बढ़ते कोरोना से जंग* ****************************************

लेखक:

*डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव*
वरिष्ठ प्रवक्ता-पी बी कालेज,प्रतापगढ़ सिटी,उ.प्र.

 

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर आज हमारा भारत ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व में इस कोरोना वायरस की वजह से पुनः फैलती बीमारी जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक वैश्विक महामारी घोषित किया है, इसकी मार झेल रहे और इससे प्रभावित
देशों में हमारे जाँबाज भारतीय कोरोना वारियर्स,समस्त वरिष्ठ कनिष्ठ चिकित्सक,नर्सेज,पैरामेडिकल स्टाफ,सफाई कर्मी,सेना,पुलिस,प्रशासन,समस्त सेवा प्रदाता,विभिन्न स्वयंसेवी संस्थायें,सामाजिक कार्यकर्तागण,प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथीगण,स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय विशेषकर हमें उपचार प्रदान कर रहे सभी हॉस्पिटल के सभी चिकित्सकों और उनका स्टाफ जिस तरह पिछले वर्ष 2020 में इस सम्पूर्ण लाक डाउन की विषम परिस्थिति में भी वे स्वयं के घरों में सुरक्षित ना रह कर,हमारे देश के नागरिकों के लिए अपने घर परिवार से अलग रहते हुए,रात दिन बिना रुके बिना थके,अपने निजी स्वस्थ्य की भी चिंता किये बगैर,इस वैश्विक महामारी के रूप में उपजी भयानक कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव और जीवन सुरक्षा के लिए 2020 से ही कार्य कर रहें हैं,वो ना सिर्फ काबिले तारीफ़ और उत्साहवर्धक है बल्कि उनके द्वारा देश हित में किया जा रहा ये मानवतापूर्ण कार्य और व्यव्हार हार्दिक स्वागत योग्य तो है ही अतुलनीय है, प्रसंशनीय है,वंदनीय है,अभिनंदनीय भी है।

सर्वप्रथम हम ऐसे सभी कोरोना वारियर्स का अपने हृदय की अनंतम गहराइयों से बारम्बार स्वागत करते हैं,उनका उत्साहवर्धन करते है और उनके प्रति अपना विशेष सम्मान प्रकट करते हैं।

आज कोरोना वायरस की वजह से पुनः देश जिस विषम स्थिति परिस्थिति से गुजर रहा है,उससे हम सभी भली भांति परिचित हैं। संकट के इस दौर में हम सब भारतीय नागरिकों का ये प्रथम कर्तव्य है कि हम सोशल डिस्टैंसिंग का पूर्ण पालन करते हुए,इस अन लाक में भी सम्पूर्ण लाक डाउन की ही तरह ज्यादातर अपने अपने घरों में ही संपूर्ण परिवार के साथ रहें,सुरक्षित रहें और लोगों को भी सुरक्षित रहने की प्रेरणा दें, ना कि सड़कों पर निकल कर वेवजह ही टहलें और लाक डाउन पुनः लाने की स्थिति पैदा करें। अन लाक समय की लक्ष्मण रेखा को पार न करें,हमारी सुरक्षा में तैनात शासन प्रशासन और स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के मार्ग की बाधा न बनें।
यद्यपि की इस समय कोविड-19 से सुरक्षा हेतु
हम सभी सच्चे भारतीयों को एक उपलब्धि प्राप्त हो चुकी है। हमारे योग्य चिकित्सा वैज्ञानिकों ने इसकी वैक्सीन बना ली है और सभी को लगाई भी जा रही है,फिर भी निजी सुरक्षा के लिए मास्क लगाना और 2 गज की दूरी का सोशल डिस्टैंसिंग रखना तो अनिवार्य है ही। हमारे यशश्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की पूर्व में नागरिकों से की गयी अपील का पूर्ण पालन करने की अभी भी नितांत आवश्यकता है। कोरोना वायरस जैसी महामारी के संक्रमण से बचने और सुरक्षित रहने का मात्र और एक मात्र उपाय केवल और केवल सोशल डिस्टैंसिंग यानी सामाजिक दूरी बनाये रखना है। अतः ज्यादातर अपने अपने घरों में रहें और पूर्ण सुरक्षित रहें। आप भी सुरक्षित ,आप का परिवार भी सुरक्षित और भारत देश का हर नागरिक भी सुरक्षित।

इस महामारी रुपी बीमारी और इसके पुनः बढ़ रहे संक्रमण से आज ये कोरोना वायरस विश्व के लगभग 200 देशों को धीरे धीरे पुनः अपने चपेट में ले लिया है,बचे हुए देश भी इससे आक्रांत व प्रभावित होने में संभवतः आगे आने ही वाले होंगे। इस लिए सभी देश अपने अपने हिसाब से इसके बचाव के लिए कुछ न कुछ प्रबंध करने में लगे हुए हैं,फिर भी कोरोना वायरस से मरने वालों के जन हानि की संख्या और संक्रमितों की संख्या को देख कर मानव होने के नाते बहुत दुःख होता है।

पिछले साल 2020 में ही कोरोना जैसे संक्रमण से चीन,ब्राजील,इटली,अमेरिका आदि देशों में किस तरह से तबाही मचा रखी थी ,ये बात किसी से भी छिपी नहीं है। कोरोना वायरस के चपेट में आज एशिया और योरोप के अधिकतर देशों को भी प्रभावित कर रखा है।इसे अपने संक्रमण से ग्रसित कर रखा है। हमारा भारत देश आबादी की दृष्टि से दुनिया का सब से बड़ा लोकतंत्र कहलाता है, किन्तु संसाधनों की दृष्टि से हम उपरोक्त देशों से कहीं ज्यादा पीछे हैं। इस समय रेडियो,सभी अख़बार और सभी टीवी चैनल पुनः लगातार इसकी भयावह स्थित और दुनिया के साथ ही साथ भारत में भी हो रहे इसके बढ़ते प्रसार के बारे में हमें नित्य अवगत करा रहे हैं।

हमें गर्व है कि हम सब भारत जैसे सनातनी संस्कृति और सभ्यता वाले,राम,कृष्ण,बुद्ध की धरती वाले धार्मिक देश के नागरिक हैं, जहाँ इस समय दैव संयोग से हम सब के लोकप्रिय एवं परम धर्म,कर्म,आध्यात्म,वेद,पुराण,रामायण,गीता,योगव्यायाम,और पूर्वजों के ज्ञान विज्ञान,ऋषियों और मुनियों की प्राकृतिक चिकित्सा को भी पूर्ण महत्त्व देने वाले वैज्ञानिक सोच एवं भारत की प्रगति और सुरक्षा के लिए नित चिंतित रहने वाले तथा विश्व पटल पर अपना अहम स्थान रखने वाले एक सुधी सच्चे साधक भारत का विशेष गौरव बढ़ाने वाले हमारे परम सम्मानित ओजस्वी,यशश्वी,होनहार प्रधानमंत्री के रूप में श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी हमें मिले हैं। ये हम सब भारत देश वासियों के परम सौभाग्य की बात है।

कोरोना की इस कठिन स्थिति परिस्थिति से 2020 में हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री मोदी जी इस वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से अपने 130 करोड़ देश वासियों व उनके घर परिवार की बचाव ,सुरक्षा और स्वास्थ्य की चिंता में लगे हुए इसकी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु इसके महायोद्धा के रूप में स्वयं इस कठिन समय में इसका निरंतर नित्य मूल्याङ्कन करते रहे हैं और कोरोना वारियर्स के एक नायक की भूमिका में भी बहुत ही अच्छा कार्य कर रहे थे,कर रहे हैं।इस समय उत्तर प्रदेश के हमारे युवा एवं कर्मठ माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्य नाथ जी की इस कोरोना महामारी में अपने प्रदेश की 23 करोड़ जनता की सेवा सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति उनकी भी लगन, निष्ठां और लिए गए निजी उत्तम शासकीय निर्णयों एवं स्वयं द्वारा नित्य ही किये जारहे प्रयासों और की जारही मॉनिटरिंग को भी भुलाया नहीं जा सकता है। निश्चित ही वह सब भी सम्माननीय, प्रसंशनीय और वंदनीय है।

ये भी सच है,जो हमें मानना भी होगा कि हमारा भारत देश एक विकासशील देश है,जो दुनिया के अन्य विभिन्न विकसित देशों इटली,ब्रिटेन,जापान आदि और महाशक्ति अमेरिका जैसे देश एवं उसके जैसी उपलब्ध सर्वोत्तम स्वास्थ्य सुविधाओं एवं चिकित्सा सम्बंधी विज्ञान,टेक्नोलॉजी के क्षेत्र परिक्षेत्र में परिपूर्ण है और सशक्त है। हमारा देश उससे कहीं अधिक पीछे है। भारत इस क्षेत्र में आज भी उतना सशक्त नहीं है किन्तु धीरे धीरे प्रगति अवश्य कर रहा है।
आज अन्य देशों की भांति ही अमेरिका जैसा देश भी इस कठिन और विषम परिस्थिति में पड़ गया है,जहाँ वह अपने नागरिकों की समुचित सुरक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है।वह भी इस महामारी के बढ़ते संक्रमण से परेशान है।
आज दुनिया के ज्यादातर देश भारत में बनी हुई हमारी “कोविशिल्ड वैक्सीन” और कोरोना वायरस निरोधी संबधी अन्य वैक्सीन की डिमांड कर रहे हैं। मानवता की रक्षा और लोगों की जान माल की सुरक्षा हेतु हमारा देश उन्हें वैक्सीन दे भी रहा है। यह हमारे लिए गौरव की बात है। किन्तु पहले हमारे नागरिकों को इस वैक्सीन से पूर्ण वैक्सीनटेड कर उनकी सुरक्षा करना ज्यादा जरुरी और महत्वपूर्ण है। ये हमारे प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शी सोच का ही उत्तम नतीजा है,जो अन्य देश नहीं कर पाए वो श्रीमान मोदी जी ने समय रहते अपने सीमित संसाधनों के साथ उचित समय पर लिए गए उचित निर्णयों से कर दिखाया है।अपने देश के नागरिकों को इस कोरोना वायरस से बचाने के लिए जिससे भारतीय नागरिकों का कोरोना वायरस/कोविड-19 के भयावह और खतरनाक संक्रमण से बचाव हो सके और उसे फैलने से रोका जा सके। अच्छा प्रयास रहा है।

इस हेतु उन्होंने सर्वप्रथम 22 मार्च 2020 को जनता द्वारा जनता के लिए कर्फ्यू लगाने का और उसका पालन करने का जनता से विनम्र अनुरोध किया साथ ही साथ शाम 5 बजे 15 मिनट तक ताली,थाली,शंख,घंटा आदि बजा कर अपनी एकजुटता दिखाने और इससे नागरिकों के बचाव व उनके स्वास्थ्य सुरक्षा में लगे हुए समस्त सुयोग्य सम्मानित चिकित्सकों और अन्य सभी कोरोना वारियर्स के सामूहिक उत्साहवर्धन करने हेतु भी अपील की जो पूर्ण रूप से सफल भी रही। देश के करोड़ों लोग उसका पूर्णतया पालन भी किये। सर्वप्रथम माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश श्री आदित्य नाथ योगी जी ने 3 दिनों का 25-27 मार्च 2020 तक प्रदेश के 75 जिलों में यानी सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में सम्पूर्ण लाक डाउन करने की घोषणा भी किया था।

उसी क्रम में कोरोना वायरस की वजह से अन्य देशों में हो रही भयावह स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय से केंद्र सरकार और कोर कमेटी के जिम्मेदार सदस्यों ने उस पर पुनः गहन मंथन किया और लिए गए निर्णय से श्री मोदी जी ने 24 मार्च 2020 को देश के नाम अपने सन्देश और संबोधन में उसी रात को 12 बजे से अगले 3 हफ्ते यानी 25 मार्च से 14 अप्रैल 2020 तक लोगों को घरों से बाहर निकलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए सामाजिक दूरी बनाये रखने हेतु अपने अपने घरों में सुरक्षित रहने के कड़े निर्देश देने के साथ देश को इस कठिन स्थिति से अवगत कराते हुयर सम्पूर्ण देश में सम्पूर्ण लाक डाउन की घोषणा कर दिया,जिसका अधिकतर समझदार लोगों ने स्वयं अपनी मर्जी से कड़ाई से पालन किये और खुद ही अपने अपने घरों में आइसोलेशन में रहे हैं। संकट की इस कठिन घड़ी में विशेष परिस्थितियों में ही जैसे किसी बीमारी,अस्पताल,दवा,रोज की घरेलू जरूरतों के सामान,दूध,सब्जी,अन्न या अन्य किसी जरुरी अत्यावश्यक रोजमर्रा के सामान के लिए ही स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित किये गए केवल समय सीमा में ही मास्क और सैनिटाइजर के साथ ही बाहर निकल पा रहे थे। इस दौरान सोशल डिस्टैंसिंग का भी पूरा पूरा ख्याल रख रहे थे। किन्तु फिर भी उस दौरान कुछ असामाजिक और अराजक तत्व इसका सही ढ़ंग से पालन नहीं कर रहे थे। जिसे देख कर शिक्षित लोगों को बहुत दुःख भी होता था,उन्हें न अपनी जान की चिंता थी और ना ही अपने परिजनों की जान माल की कोई चिंता थी। उन्ही की वजह से हर जगह स्थानीय पुलिस और प्रशासन जरुरत से ज्यादा हलाकान रही है।मेरा सभी नागरिकों से व्यक्तिगत अनुरोध है,कृपया ऐसा बिलकुल भी कभी नहीं किया करें। इस समय पुनः कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है।अपने घरों में रहें,सुरक्षित रहें। यही सब के हित में और देश हित में सर्वोत्तम होगा।

यद्यपि कि 2020 के कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण काल में श्री मोदी जी की एक और अपील दिनांक 5 अप्रैल 2020 को रात 9 बजे 9 मिनट तक अपने अपने घरों की लाइट्स बंद कर के सोशल डिस्टैंसिंग का पूरा पूरा ध्यान रखते हुए अपने अपने घरों के खिड़की, दरवाजे ,छत और बालकनी से दिया, मोमबत्ती,टॉर्च,मोबाइल की फ़्लैश लाइट जला कर सामूहिक रूप से कोरोना वायरस से छाये इस अंधकार को प्रकाश की इस आभा से दूर करने और प्रकाश की शक्ति का आभास कराने की जो अपील की गयी,उसका पालन भी सम्पूर्ण देश के नागरिकों ने बड़े उत्साह के साथ कर के दिखाया और इस लड़ाई में अपनी एकजुटता का परिचय दिया। इससे कोरोना वायरस से फाइट कर रहे सभी कोरोना वारियर्स का भी उत्साहवर्धन हुआ,उन्हें लगा कि वे अकेले नहीं हैं,बल्कि सम्पूर्ण देश इस कठिन परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है।

सच कहा जाये तो इससे इस कोरोना वायरस के डर के माहौल और नागरिकों के हतोत्साह को घटाने के लिए और इस जंग में अपने व्यक्तिगत आत्मविश्वास को बढ़ाने हेतु एक नई ऊर्जा मिली जो एक अतिरिक्त दिवाली के रूप में इसे 5 अप्रैल रविवार को श्री मोदी जी की नई नवेली सोच ने वास्तव में ही इसे एक त्यौहार जैसा बना दिया था और देशवासियों को अपार ऊर्जा,आत्मविश्वास और उत्साह से भर दिया था।

देश के एक सच्चे नायक के रूप में इस महामारी के दौर में भी श्री मोदी जी ने बीच बीच में अपनी अच्छी सोच और लिए गए समयानुकूल निर्णय से कोरोना वायरस की भयानक पीड़ा एवं उलझन में रह रहे देश के नागरिकों को उनका मनोबल बढ़ा कर हर्षोउल्लास और खुशियों से भी भर दिया।
ऐसा लगने लगा जैसे इस संकट की घड़ी में कोई एक नया त्यौहार आ गया हो जिसे लोग मनाने में कोई कोताही न कर बड़े उत्साह से बीच बीच में प्रधानमंत्री जी के निर्देश पर देश के सभी नागरिक पूरे मनोयोग से करते रहते रहे हैं। भारत में ही नहीं
बल्कि इसका अनुसरण भारत के अतिरिक्त विदेशों में रहने वाले भारतीय और अन्य देश के लोग भी हमें देख कर कहीं कहीं ऐसा करते रहे हैं। इससे प्रभावित हो कर मैंने स्वयं भी उस समय तो यही कहा था कि-
*”ओनली मोदी इज द बेस्ट”*
*”इट्स हैपन ओनली इन इंडिया”*
*”इण्डिया इज द बेस्ट”*
*”आई सैल्यूट माई इंडिया”*
*”आई लव माई इंडिया”*

2021 पुनः इस बढ़ रहे कोरोना वायरस के संक्रमण से हम सब दुबारा प्रभावित न होने पायें, सुरक्षित रहें और बचे रहें ,इसके लिए सर्वप्रथम हमें इसके बचाव के लिये हमारे सुयोग्य चिकित्सा वैज्ञानिकों के सालों अथक प्रयास से प्राप्त सफल कोरोना वैक्सीन “कोविशिल्ड” का टीका निर्धारित आयु वर्ग 45 से 60 वर्ष और ऊपर के भी स्वस्थ और बीमार लोग दोनों ही अवश्य लगवाएं तथा ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस हेतु प्रेरित और जागरूक करें। हमारे चिकित्सकों और स्वास्थ्य मंत्रालय तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं प्रधानमंत्री जी तथा मुख्यमंत्री जी द्वारा दिये गए निर्देशों एवं इस हेतु निर्धारित सुरक्षित उपायों को गंभीरता से हम सब को अपनाना ही होगा। कोविशिल्ड टीका लगवाने के अतिरिक्त हमें अपने हाथ 2-3 घंटे के नियमित अंतराल पर घर में रहते हुए भी और बाहर रहें तब भी साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड्स तक अवश्य ही ठीक से मलते हुये उसे धोते रहना है। बिना साबुन से हाथ धोये अपने मुँह, नाक, आँख को बिलकुल भी नहीं छूना है। जहाँ ऐसा संभव न हो सके वहां 60 प्रतिशत वाले अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर का प्रयोग भी अवश्य करें। लोगों से 2 गज की सामाजिक दूरी बना कर रहें। घर में भी एक दूसरे से कम से कम 1 मीटर की दूरी स्वस्थ्य लोगों के बीच भी रखें। अगर किसी को या आप को खाँसी,बुखार और जुक़ाम है तो एक दूसरे से कम से कम 2 मीटर की दूरी अवश्य बना कर रहें।अपने नजदीक उपलब्ध चिकित्सक,क्लीनिक या किसी अस्पताल जाकर डॉक्टर को दिखायें। एंटीजन टेस्ट और आर टी पी सी आर टेस्ट करायें। यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो घबराएं बिलकुल नहीं। अपने आत्म विश्वास को मजबूत रखें और चिकित्सीय परामर्श पर ही कोई दवा लें अन्यथा बिलकुल नहीं। यदि आप में कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण का कोई भी लक्षण पाया जाये तो चिकित्सक के बताये अनुसार ही निर्धारित दवा लेते रहें और 14 दिन के लिए आप स्वयं क्वारंटीन रहें अर्थात अलग कमरे में रहें। इस बीच अपनी अन्य जरुरी पूरी जांच भी करवायें और ब्लड सैंपल देकर जाँच के लिए भेजवायें। यदि रिपोर्ट में आप के कोरोना वायरस के संक्रमित होने का संकेत है तो घबरायें नहीं पूर्ण रूप से कोरोना इलाज के लिए बनाये गए अस्थाई अस्पताल में 14 दिनों तक डॉक्टर्स की देख रेख में रहें और आगे के टेस्ट कराते रहें व इस हेतु जरुरी दवायें लेते रहें,पूरी सावधानी बरतें,जिससे पूर्ण रूप से स्वस्थ्य हो कर 14 दिन बाद अन्य ठीक हुए लोगों की तरह आप भी ख़ुशी के साथ अपनों के बीच अपने घर जा सकें या आ सकें। लेकिन हाँ घर पहुँच कर भी कुछ दिन घर के अन्य सदस्यों से थोड़ी दूरी बना कर रहें। मास्क जरूर लगायें यदि इसकी उपलब्धता न हो तो कॉटन की रुमाल या पतले अंगौछे की 3 लेयर बना कर उसका उपयोग करें, ये भी पूर्ण सुरक्षित रहेगा। सड़क या घर में कहीं खुले में थूकें नहीं, खाँसते या छींकते समय रुमाल लगाना न भूलें।
गर्म पानी,गर्म चाय आदि बीच बीच में पीते रहें। कभी कभी गर्म पानी में नमक डाल कर गरारा भी करें। गुनगुने दूध में थोड़ा हल्दी पाउडर डाल कर पियें। फ्रिज में रखी चीजों को ठंडा रहने पर न खायें। आइसक्रीम,कुल्फी,कोल्डड्रिंक आदि ठंडी चीजों से पूरा परहेज करें। बासी खाना खाने से भी बचें,इसे बिलकुल न खायें।

इसी के साथ ही साथ कोरोना वायरस से बचने के लिए यह भी जरुरी है कि बीच बीच में घरों के मेन गेट ,दरवाजे के बेलन, खिड़की की सिटकिनी, सीढ़ियों की रेलिंग, लिफ्ट की बटन, मोबाइल फ़ोन, टीवी रिमोट इत्यादि सैनीटाईज भी करें तथा टेम्पो,रिक्शा, मोटर साइकिल, कार,बाइक,स्कूटी की चाभी,बायोमेट्रिक मशीन, स्वाइप मशीन, वेइन्ग मशीन, करेंसी,नोट,सिक्का आदि छूने के बाद हाथ साबुन से जरूर धोएं या सैनिटाइजर से सैनीटाईज़ करें तथा जहाँ तक संभव हो घरेलू उपकरणों के रिमोट एवं कीज तथा दरवाजे खिड़की और मेन गेट के बेलन आदि को भी बीच बीच में जरूर सैनीटाईज़ भी करते रहें।किसी भी ऐसे घरेलू उत्सव का आयोजन न करें जिसमे 25-50 लोग इकठ्ठा हो सकते हों और ना ही आप किसी सामाजिक उत्सव या मीटिंग में कहीं जाएँ। जैसे पिछले साल किया यहाँ तक की इस बार होली में भी किया है। अपने घर पर किसी दोस्त या मेहमान को भी नहीं बुलाएँ और ना ही आप किसी के घर जायें।अपने टोले मोहल्ले में भी ज्यादा न निकलें और ना ही कहीं इकट्ठा हों। केवल अपने अपने घरों में ही रहें जिससे सुरक्षित भी रहें।

इन्ही सब उपायों को ही हम अपना कर पूर्ण रूप से स्वस्थ्य और सुरक्षित रह सकते हैं। भारत का एक एक नागरिक इस देश की अमूल्य जनशक्ति है। अपने नागरिकों के बिना हमारा भारत अपूर्ण और असुरक्षित है। हर एक स्वस्थ्य नागरिक का राष्ट्र की उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान होता है। इस लिए आप का पूर्ण निरोग रहना जीवन और उत्तम स्वास्थ्य के लिए बहुत जरुरी है।
2021 में फिर से इस तेजी से बढ़ते हुए कोरोना की इस विषम परिस्थिति में हो सकता है केंद्र सरकार या प्रदेश सरकार को पुनः लाक डाउन लगाने का निर्णय लेना पड़े। जैसा कि पूना,मुम्बई आदि शहरों में होना प्रारम्भ हो गया है। उत्तर प्रदेश में भी अभी तो कक्षा 1-8 तक के स्कूल 11 अप्रैल तक के लिए बंद कर दिए गए हैं। अन्य जिलों में कोरोना केसेस की नित वृद्धि स्तर की स्थिति परिस्थिति का मूल्याङ्कन गहनता से मंथन हो रहा है,सरकार को जो निर्णय लेना होगा वह अपने नागरिकों की सुरक्षा हेतु लेगी ही किन्तु यदि लाक डाउन की पुनः स्थिति होती है जब ज्यादातर व्यवसाय और प्रतिष्ठान बंद कर दिए जाते हैं,काम धंधा सब बंद हो जाता है तो रोटी के लिये हमारा कोई भी गरीब और निशक्त पड़ोसी भूखा न सोये, इसका भी हम सभी धर्मात्माओं को विशेष रूप से पिछली बार की ही तरह सदा ध्यान रखना होगा, क्योकि कोई भूखा व्यक्ति कभी भी पूर्णतयः स्वस्थ्य नहीं रह सकता है। पूर्ण स्वस्थ्य व्यक्ति ही समाज और राष्ट्र की उन्नति में सहायक और सहयोगी होता है। इस लिए इसे याद रखें।
*”नर सेवा ही नारायण सेवा है”*
*”वसुधैव कुटुम्बकम”*
*”अहर्निशं सेवामहे”*
कोरोना जंग की सालों से छिड़ी इस लम्बी लड़ाई के कारण अक्सर हमारे आप की ही तरह हमारे देश प्रदेश की भी और हमारी सरकारों की भी आर्थिक स्थिति काफी डांवाडोल हो जाती रही है।आर्थिक संकट से झेलना पड़ता है।
इसी लिए माननीय प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी ने पिछले वर्ष 2020 में अपने देश वासियों से आर्थिक सहायता देने की अपील भी की थी। इस आह्वान में भी अपना हाथ बंटाने वाले देश प्रदेश के हमारे दानवीर कणों की कभी भारत में कोई भी कमी नहीं रही है। देश के नागरिकों और कर्मचारियों और समाजसेवियों ने बड़े उल्लास के साथ बढ़ चढ़ कर देश-प्रदेश में अपना महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग प्रदान कर देश और प्रदेश को कोरोना से जंग लड़ने में मजबूती प्रदान किया था, ऐसे समय में हमारा आप सब का राष्ट्र हित में यही जिम्मेदारी और फर्ज़ भी बनता था कि हम अपनी सामर्थ्य के अनुसार उपलब्ध निजी संसाधनों में से कुछ न कुछ यथाशक्ति प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री राहत कोष में अवश्य ही दान करें। लोगों ने दिल खोल कर इस पुण्य कार्य में भी अपना सहयोग किया,दान दिया और देश प्रदेश के सम्पूर्ण लाक डाउन से हो रहे आर्थिक नुकसान के दौर में देश प्रदेश को अपनी सहमति से भी अच्छा आर्थिक सहयोग प्रदान कर मदद की थी। यह वास्तव में अकल्पनीय,सराहनीय,प्रशंसनीय,पूज्यनीय एवं वंदनीय रही है।

ईश्वर करे इस बार ऐसी कोई स्थिति परिस्थिति न उत्पन्न हो। किसी लाक डाउन की स्थित न पैदा हो और किसी के सामने पुनः रोजी रोटी की समस्या न आये और हमें ऐसा कुछ भी न देखना और ना करना पड़े।

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर आइये हम सब ये संकल्प लें कि हम भारत के लोग “कोविशिल्ड” वैक्सीन टीकाकरण को 2021 में पूर्ण सफल बनाएंगें और यदि कोई स्थिति पुनः ऐसी आती ही है तो सम्पूर्ण लाक डाउन को पूर्णतयः सफल बनाएंगे, सड़कों पर नहीं निकलेगें। घरों में ही रहेंगे और स्वस्थ्य तथा सुरक्षित रहेंगे। जिससे हम इस वर्ष काल कलवित कर देने वाली वैश्विक कोरोना वायरस की महामारी कोविड-19 से स्वयं और परिजनों की रक्षा सुरक्षा कर सकें।स्वस्थ्य रह सकें।
हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी अपने जिस पूर्ण आत्मविश्वास के साथ सीमित संसाधनों में कोरोना वायरस रोधक वैक्सीन बनाने और उसका निःशुल्क टीकाकरण कराने की जिस योजना पर सफलता के साथ काम करते आ रहे हैं,वह सराहनीय है। जिससे इस महामारी से पूर्ण निजात पाने के लिए हम सब देशवासी, सभी कोरोना वारियर्स और हमारी सरकारें जो लम्बी लड़ाई लड़ रहे हैं,उस कठिन जंग में हमारा भारत पूर्ण रूप से विजयी हो। कोरोना मुक्त हो। हमारे देश के सभी नागरिक स्वास्थ्य युक्त हों। ठीक उसी प्रकार जैसे हमारे भारत ने पूर्व में पोलियो वायरस पर अपने दृढ संकल्प, पूर्ण मनोयोग और सरकार तथा स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों का सुन्दर समुचित पालन करके विजय प्राप्त की है,और विश्व स्वास्थ्य संगठन की घोषणा पर हमारा भारत पोलियो मुक्त देश बना है। वैसे ही हम अपने निजी सकारात्मक सोच,दृढ़ इच्छाशक्ति, पूर्ण मनोयोग और अपने सभी कोरोना वारियर्स की फाइट्स तथा नागरिकों के सहयोग से श्रीमान मोदी जी के नेतृत्व में निश्चित ही इस कोरोना वायरस यानी कोविड-19 पर भी जल्द ही अवश्य विजय प्राप्त करेंगे। ऐसा मेरा व्यक्तिगत मानना और मेरा खुद का आत्मविश्वास कहता है। हम सब जल्द से जल्द कोरोना मुक्त विश्व विजयी भारत के सुयोग्य आदर्श नागरिक कहलायेंगे।

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर यही संकल्प हमारा:

*”कोरोना को हमें हराना है-भारत से इसे भगाना है”*

*”अपनी इम्यूनिटी और आत्मविश्वास हम सब को बढ़ाना है”*

*”देश के नन्हे मुन्ने बच्चों एवं नागरिकों को बचाना है।”*

*”हमें कोविशिल्ड स्वयं व 45-60 वर्ष को लगवाना है”*

*”भाग कोरोना,भाग कोरोना,भाग कोरोना यही गाना है”*

 

आलेख एवं विचार:

*डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव*
वरिष्ठ प्रवक्ता-पी बी कालेज,प्रतापगढ़ सिटी,उ.प्र.
इंटरनेशनल चीफ एग्जीक्यूटिव कोऑर्डिनेटर
2021-22 एलायन्स क्लब्स इंटरनेशनल,प.बंगाल
संपर्क :9415350596

Last Updated on April 7, 2021 by dr.vinaysrivastava

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