न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

उम्मीद

अधमरी सी उम्मीदें कभी सो न सकी इंतज़ार में
बिलख- बिलख कर रोया है मन साथी तेरे प्यार में

दूर से ही तो चाहा था तुमको
बस पास तुम्हारे ये दिल था
हम नदी के किनारे जैसे थे
मिलना भी हमारा मुश्किल था

राह भी हमारी अलग थी कभी टकराते ना बाजार में
बिलख- बिलख कर रोया है मन साथी तेरे प्यार में

रोज़ नेह की पाती लिखी तुझे
और रोज़ फाड़ कर फेंकते हैं
बच्चे सा दिल जिद करता है
बड़े यत्न से खुद को रोकते हैं

पहले ही छोड़ दिया होता , दूर तक आये बेकार में
बिलख- बिलख कर रोया है मन साथी तेरे प्यार में

ख्यालो में ऐसे बसाया तुमको
चाह के भी ना कुछ सोच सके
बांध ली आंखों पर प्रेम की पट्टी
तुम्हारे सिवा ना कुछ देख सके

इतना चाहा जिसको ,वही छोड़ गए मझधार में
बिलख- बिलख कर रोया है मन साथी तेरे प्यार में

विजय नारायण दूबे

Last Updated on January 30, 2021 by vdubey424

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