न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

ग़ज़ल,,,,, जीवन के संदर्भ,,,,,

ग़ज़ल,,,,,

जीवन के संदर्भ बड़े गंभीर हुए।।

हम कमान पर चढ़े हुए बिष तीर हुए।।

 

मृगतृष्णा केभ्रम में उलझे मृग मानव।

विधवा की सूनी आंखों का नीर हुए।।

 

मिट्टी मोल भी कर्म नहीं बिकता अब तो।

क्रेताओं के इतने तुच्छ ज़मीर हुए।।

 

गीली आंखों से जब बिदा किया उसने।

आंसू उसके पैरों की ज़न्जीर हुए।।

 

मोह प्रभावित तुम्हें देख है मन इतना।

हम योगी‌ के जप तप की जागीर हुए।।

 

 अंतस में तुम जबसे सरल के आ बैठे।

भाव हृदय के तुलसी सूर कबीर हुए।।

 

बृंदावन राय सरल सागर एमपी भारत

मोबाइल 7869218525

18/1/2021

Last Updated on January 18, 2021 by bindravnrais

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