न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

*जय माता दी बोलें-नवरात्रि व राम नवमी है*

*”जय माता दी बोलें-नवरात्रि व राम नवमी है*
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रचयिता :

*डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव*
वरिष्ठ प्रवक्ता-पी बी कालेज,प्रतापगढ़ सिटी,उ.प्र.

आया है देखो यह माँ का त्योहार,
सजने लगा देवी मैय्या का दरबार।

2020 से आया संक्रमण कोरोना,
वासंतिक नवरात्र में पुनः कोरोना।

 शारदीय नवरात्र में सजा कोना-2,
अबकी फिर छाया है यह कोरोना।

नौ दिनों का होता धार्मिक त्योहार,
घर-घर में माँ का स्वागत हर द्वार।

स्थापित करते कलश देवी माँ का,
धूप दीप चन्दन रोली पुष्प पताका।

करियेगा ध्यान लगा पूजा देवी का,
पहला दिन है शैलपुत्री देवी माँ का।

दुर्गा चालीसा पढ़ें ध्यान से माँ का,
दूसरा दिन है ब्रम्हचारिणी माँ का।

थाल सजा कर नित करते आरती,
तीसरा दिन है माँ चंद्रघंटा देवी का।

फल मेवा मिश्री ले प्रसाद चढ़ाओ,
चौथे दिन की देवी माँ हैं कुष्मांडा।

धूप जलाओ और संकीर्तन गाओ,
पंचम दिन की देवी माँ स्कंदमाता।

सुबह शाम माँ का जयकारा लगायें,
छठवें दिन में देवी माँ हैं कात्यायनी।

फूल चढ़ायें माला पहनायें माता को,
सातवां दिन कालरात्रि देवी माँ का।

चुनरीचूड़ी बिंदीसिन्दूर चढ़ाएं माँ को,
अष्टम दिन की महागौरी देवी माँ को।

हवन करें महाआरती,प्रसाद भी बांटे,
नवयें दिन की देवी माँ सिद्धदात्री का।

इसी नवमी को जन्मे प्रभु श्रीराम जी,
अयोध्या में उत्सव बजी शहनाई भी।

सुदर्शन धारी विष्णु ये मानव रूप में,
दशरथ-कौशल्या के प्रिय पुत्र रूप में।

त्रेता युग के मेरे प्रभु श्रीराम अवतारी,
मर्यादा पुरूषोत्तम सर्वप्रिय धनुर्धारी।

देवी माँ व श्रीराम ने असुरों को मारा,
दुःखियों को सदैव माँ-प्रभु ने है तारा।

सभी का कल्याण करना ऐ देवी माँ,
अपनी कृपा बरसाना हे प्रभु! हे माँ!

जय जय श्रीराम जय-2 श्रीराम जी,
जय जय हो मैय्या जय हो माता दी।

 

 

रचयिता :

*डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव*
वरिष्ठ प्रवक्ता-पी बी कालेज,प्रतापगढ़ सिटी,उ.प्र.
इंटरनेशनल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर-नार्थ इंडिया
2020-21एलायन्स क्लब्स इंटरनेशनल,प.बंगाल
संपर्क : 9415350596

Last Updated on April 14, 2021 by dr.vinaysrivastava

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