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डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

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डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

गणतन्त्र दिवस है आज भारत में

                                       शीर्षक – ‘गणतन्त्र दिवस है आज भारत में’

          गणतन्त्र दिवस है आज भारत में, राष्ट्र ध्वज का  सब करें सम्मान।

          हम  भारतीय  पूत भारती के,  यहाँ प्रजातन्त्र है इस देश की शान।।

  1. विविध भाषी इस देश की जनता  पर परस्पर रहे सब में एकता।

            हिन्दु, मुश्लिम, सिख, ईसाई सब भाई न कभी  परस्पर भेद था।

            वैभव कीर्ति अटल, विश्व पटल पर भारत, का गोरा इसकी गाथा सुना था।

            गुरुद्वारा, चर्च, मन्दिर, मस्जिद के आगे,  सदा सबका शीश झुका था।

            गीता कुरान हो या बाइबिल सबने, उपदेशों को इनके हसकर  सुना था।

            पुण्यभूमि है ये ऋषिमुनयों की जहाँ राम-कृष्ण हुए जन-जन के भगवान।

             गणतन्त्र दिवस है आज भारत में…… यहाँ प्रजातन्त्र है इस देश की शान।।

  1. ज्ञान का सागर देश हमारा, विज्ञान अध्यात्म की ये है खान।

           रामानुज, धनमन्तरी, चरक कलाम, इन सबका होता यहाँ यशो गान।

           गंगा, कावेरी, गोदा का कल-कल जल, नित देश प्रेम की छेडे तान।

           शंकरमठ है यहाँ ज्ञान के मन्दिर, हरते सदियों से सबका अज्ञान।

           धरणी ओढ़े हरित-फरित चुनरिया, पीली सरसों बढाए वसन्त की शान।

           गणतन्त्र दिवस है आज भारत में…… यहाँ प्रजातन्त्र है इस देश की शान।।

  1. संविधान ने दिया यहाँ पर, जन-जन को  जीवन जीने का अधिकार।

          ऊच-नीच का भेद मिट गया,  सबको खुला है यहाँ शिक्षा द्वार।

         बस राम राज्य हो यहाँ गान्धी का, चहुँ दिश प्रजातन्त्र की वहे ब्यार।

         ज्ञान, परिश्रम, मानवधर्म, यहाँ हो सबके जीवन का  आधार।

        देश प्रेम के बलिदान की खातिर, सदा रहे हर भारतीय  तैय्यार।

        राष्ट्र सेवा और मानव सेवा, हो जन नायक  की  यही  पहिचान।

        गणतन्त्र दिवस है आज भारत में…… यहाँ प्रजातन्त्र है इस देश की शान।।

    4. राम-कृष्ण प्रसूता ये भूमि, बुद्ध,महावीर,नानक, की है तपस्थली।

        कर्म क्षेत्र सुभाष आजाद, भगत का गान्धी विवेकानन्द की उपदेशस्थली।

        उदित है सूरज यहाँ ज्ञान विज्ञान का, जिसकी किरणों से है दुनिया उजली।

        मन्त्री हो या कोई अफसर,  जनता जनार्दन है सबसे शक्तिशाली।

       देश का नायक यहाँ जन सेवक है छोड के अपना स्वार्थ, अभिमान।

        गणतन्त्र दिवस है आज भारत में…… यहाँ प्रजातन्त्र है इस देश की शान।।

  1. केसरी कश्मीर ललाट भारती का, धडकता दिल है दिल्ली लाल किला राजधानी।

        गुजरात, मालवा,बुंदेलखण्ड, पंजाब सितारे, जिन से चम-चम चमके  चूरनधानी।

        पग धोता अरब सागर इसका, दामन निर्मल करता पावन गंगा का अमृत पानी।

       स्वर्ग से सुन्दर इस देश की खातिर, मिटा दिए अनगिन वीर  हसते हसते अपनी जबानी।

       हमें मान है ऐसे भारत पर, जिसकी गाथा गाए विश्व के जन-जन अपनी जुबानी।

       राम-कृष्ण के हम वंशज ‘कमल’ जो  दे गए भारत को विश्वगुरु  की पहिचान।

       गणतन्त्र दिवस है आज भारत में…… यहाँ प्रजातन्त्र है इस देश की शान।।

 

 

                                                                                                                   डां. नन्द किशोर नामदेव ‘कमल’

                                                                                                                     (Associate Professor )

                                                                                                                        भारतीय भाषा विभाग

                                                                                       महर्षि महेश योगी वैदिक विश्व विद्यालय

                                                                                                करोंदी परिसर कटनी म.प्र.-483332

                                                                                                  मो.8827167620,

e-mail- [email protected]

 

।। सभी सम्मानीय सदस्यों को गणतन्त्र दिवस की  अग्रिम शुभकामनाओं सहित।।

।। जय हिन्द, जय भारत।।

Last Updated on January 7, 2021 by nk555namdev

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